गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं पर बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों पर कोई अंकुश नहीं है। अक्सर बीमारियां फैलने के बाद ही स्वास्थ्य महकमा और प्रशासन इस ओर ध्यान देता है, हालांकि इस बाबत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी विनय कुमार सहाय का कहना है कि खुले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने और कार्रवाई करने की लिए टीम लगी हुई है। जल्द ही इस संबंध में अभियान चलाया जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि हम खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों से सावधान रहें।
शहर में चिलचिलाती धूप में गला तर कराने वाली कई दुकानें सजी दिखाई देंगी। ऐसे में कहीं जूस तो कहीं गन्ने का रस आपको मोह जाल में फांस सकते हैं। इसी प्रकार शहर के मेन रोड, ओवरब्रिज के नीचे, रोडवेज बस अड्डे, रानीगंज बाजार, खोया बाजार, रेलवे स्टेशन आदि तमाम स्थानों पर खुले में खाद्य पदार्थों की बिक्री बदस्तूर जारी है। गन्ने का रस निकालती मशीनें हों या अन्य शीतल पेय, गंदगी और केमिकलयुक्त पदार्थों की मिलावट से लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ रही है।
अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय कुमार सहाय ने बताया
कि फुटपाथी शीतल पेय, खाद्य पदार्थों की दुकानें सज गई हैं। खुले में खाद्य
पदार्थ की बिक्री न हो इसके लिए महकमा कटिबद्ध है। जल्द ही अभियान चलाकर
खुले में खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों का न खिलाएं घिसा बर्फ
घिसी बर्फ में मिठास देने के लिए चीनी का प्रयोग न कर कैमिकल का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है, इसलिए इसे बच्चों को कदापि न खिलाएं। बादाम शेक, फालूदा या कैमिकल से बने अन रजिस्टर्ड कोल्डड्रिंक्स सीजन शुरू होते ही धड़ल्ले से बिकने लगते हैं। इसी तरह चाट और मिठाइयां भी खुले में बिकती हैं। इससे पेटदर्द, अतिसार हो सकता है।
चिकित्सक की नजर में
डिप्टी सीएमओ डॉ. रविंद्र्रनाथ बताते हैं कि ग्रीष्म ऋतु में स्वास्थ्य की काफी देखभाल की जरूरत पड़ती है। गर्मी में इंफेक्शन, फूड प्वॉयजनिंग, एलर्जी और डायरिया की आशंका अधिक होती है। ऐसे में जरूरी है कि सावधानी बरती जाए।