मझगईं। गांव बल्लीपुर गदियाना में शुक्रवार रात करीब 8 बजे खड़ंजे पर तेंदुआ बैठा देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने उसे बाघ समझा। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पैरों के निशान के आधार पर तेंदुआ होने की पुष्टि की।
उत्तर बस्ती में रमजानी के घर की दीवार के पास तेंदुआ बैठा था। गदियाना निवासी नाजिर अली और रहमान ने बताया कि शोर मचाने पर तेंदुआ पास के गन्ने के खेत में भाग गया।
बताया जा रहा है कि तेंदुआ कब्रिस्तान की ओर से बस्ती में पहुंचा था। ग्रामीणों के मुताबिक, कब्रिस्तान के पास ज्ञानेश शुक्ला और आसपास के गन्ने के खेतों में कई सियारों के अधखाए शव पड़े हैं। इससे लगता है कि तेंदुआ कई दिनों से इलाके में घूम रहा है और शिकार कर रहा है।
रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि सूचना पर टीम मौके पर गई थी। बाघ नहीं, तेंदुआ है। उसके पंजों के निशान मिले हैं। जल्द पिंजरा लगाकर उसे पकड़ा जाएगा।
जंगली सूअर ने कई लोगों पर किया हमला
निघासन। सिंगाही कस्बे के मोहल्ला भेड़ौरा में शनिवार सुबह करीब नौ बजे जंगली सूअर ने कई लोगों पर हमला कर दिया। इसके बाद वह दिनेश गुप्ता के घर में घुस गया और गाय पर हमला किया।
रामकुमार की दुकान के पास टुन्नी यादव ने सूअर को भगाने का प्रयास किया। सूअर ने उनका पीछा कर हमला कर दिया और पटक दिया। रामकुमार के भाई ने बचाने की कोशिश की तो सूअर उनकी ओर भी झपटा। उन्होंने घर में घुसकर जान बचाई।
इसके बाद सूअर दिनेश गुप्ता के घर में घुस गया और दरवाजे पर बंधी गाय पर हमला कर दिया। गाय को बचाने पहुंचीं उनकी 60 वर्षीय मां चंद्रावती पर भी सूअर ने हमला किया। वह उन्हें घसीटकर कमरे तक ले गया और हाथ बुरी तरह जख्मी कर दिया।
लोगों के शोर और भीड़ बढ़ने पर सूअर दक्षिण दिशा के गन्ने के खेत में भाग गया। परिजन चंद्रावती को निघासन सीएचसी ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल ओयल रेफर कर दिया।
रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर भेजी गई है। उसकी लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। संवाद