इस बार गेहूं की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है। जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह के अनुसार जिले में 1,96,784 हेक्टेयर भूभाग पर सिर्फ गेहूं की बुवाई की गई है, जिससे प्रति हेक्टेयर 46.34 क्विंटल गेहूं की पैदावार के आसार हैं। इस बार अभी तक मौसम भी साथ दे रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो इस बार गेहूं की उपज अच्छी होगी।
कृषि विभाग का दावा है कि फरवरी महीने के प्रथम सप्ताह में भी कोहरा और धूप में तेजी न होना गेहूं की उपज के लिए लाभदायक है। जिले में 1,96,784 हेक्टेयर भूभाग पर बोये गये गेहूं की 46.34 क्विंटल पैदावार के अनुमान से कुल 91 लाख 18 हजार 970 क्विंटल से अधिक गेहूं पैदावार की संभावना है। उधर कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल का कहना है कि गेहूं की फसल को इस समय एक हल्के पानी की जरूरत है। बेहतर होगा कि किसान अपने खेत में गेहूं की फसल की हल्के पानी से सिंचाई करे। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि रबी की बुवाई का 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक बेहतर समय होता है। उन्होंने कहा कि इस बार जितनी ठंडक पड़नी चाहिए उतनी पड़ी, जिससे अगैती गेहूं की फसल को लाभ हुआ है।