लखीमपुर खीरी। शनिवार को महेवागंज स्थित एक अस्पताल से 10 करोड़ रुपये की नशे की दवा (मेफेड्रॉन) बरामद होने की जांच अब बाराबंकी के नारकोटिक्स विभाग की टीम करेगी। इस मामले में दो अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया था, वहीं अस्पताल संचालक को पुलिस तीसरे दिन भी नहीं ढूंढ पाई है।
लखनऊ से आई एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने सदर कोतवाली पुलिस के साथ मिलकर महेवागंज के निकट उल्ल नदी के किनारे स्थित रॉयल केयर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में छापा मारा था। इस दौरान दो अभियुक्तों को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई तो दोनों के पास से एक किलोग्राम मेफेड्रॉन नाम की दवा बरामद की गई। इसकी कीमत 10 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
देर शाम तक चली कार्रवाई के बाद शनिवार को दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया था। पकड़े गए अभियुक्तों में राकेश विश्वकर्मा निवासी ग्राम अग्गरखुर्द थाना फूलबेहड़ और विक्रम सिंह निवासी ग्राम सुजानपुर थाना धौरहरा शामिल थे। वहीं मौके से भागे अस्पताल संचालक डॉक्टर खालिद निवासी मोहल्ला शिवपुरी की तलाश की जा रही है।
एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि मामले की जांच बाराबंकी के नारकोटिक्स विभाग की टीम करेगी। खीरी पुलिस जांच में सहयोग करेगी।