शहर के अधिकतर एटीएम दोपहर तक हो कैशलेस
ग्रामीण इलाकों में कैश के बिना बढ़ रही मुसीबतें
शनिवार को बैंक बंद रहने और अधिकतर एटीएम न चलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। जिन एटीएम में शुक्रवार को कैश लोड किया गया था, उनमें से कुछ में रात को ही तो कुछ में शनिवार दोपहर तक कैश खत्म हो गया। इससे अधिकतर एटीएम पर नो कैश का बोर्ड लटका रहा। जो एटीएम चले उन पर लंबी लंबी कतार लगी रहीं।
गोला गोकर्णनाथ। नगर में बैंक पंद होने और एटीएम न चलने से लोगों को परेशान होना पड़ा। शनिवार को बैंकों में अवकाश होने के कारण जरूरतमंद लोग नगर में एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर लगाते रहे।
ममरी। किसानों उद्योग धंधों, व्यापारियों के साथ नोटबंदी का असर गन्ने की सीजन में पशुओं के नाल लगाने वालों की रोजी रोटी पर भी पड़ा है। गन्ने की सीजन में पशुओं के पैरों में नाल लगाने वाले धिरावां के नसीरुद्दीन, कलामुद्दीन, अजाद अली, फरीद का कहना है कि पिछले सीजन में वह एक दिन में तीन चार पशुओं को नाल लगाकर दो-ढाई सौ रुपये दिहाड़ी कमा लेते थे। इस सीजन में नोटबंदी के चलते लोग पशुओं को नाल लगवाने से कतरा रहे हैं। जिससे उनकी दिहाड़ी नहीं निकल पा रही है। इस प्रकार उनकी रोजी रोटी ही छिन गई है।
मैलानी। कसबे के एसबीआई का एटीएम पिछले दो हफ्ते से बंद चल रहा है। जिला सहकारी बैंक का एटीएम भी काफी दिनों से बंद है। सहकारी बैंक कर्मियों के मुताबिक चेस्ट से करेंसी न मिलने से ग्राहकों के जमा पैसों से ही भुगतान किया जा रहा है। उधर बैंकों में भी नकदी का संकट खत्म नहीं हो रहा है।
बांकेगंज। बांकेगंज स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक बीएन शर्मा ने बताया कि नई करेंसी की कमी के बीच बाबरपुर-बरगदिया स्थित सिद्धार्थ इंटर कॉलेज के प्रबंधक रामनरेश ने तीन लाख रुपये अपने एकाउंट में जमा किए हैं। उन्होंने बताया कि इससे कई जरूरतमंदों को राहत मिल गई।