खातेदारों को नहीं मिल पाई निर्धारित राशि
बैंकों में एक्सचेंज काउंटर बंद हो गए। इससे नोट बदलने वाले लोगों की भीड़ नहीं लगी। वहीं कैश की कमी के कारण ग्रामीण इलाकों की बैंकों में लोगों को पैसा नहीं मिल पाने के कारण दिक्कत हुई। घंटों लाइन में लगने के बाद खातेदारों को निर्धारित राशि से कम ही रुपये मिल पाए। उधर, बैंक के सभी एटीएम सुचारु नहीं हो सके, जिससे भी लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गोला गोकर्णनाथ। कैश की कमी के चलते एसबीआई को छोड़कर अन्य बैंकों पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक आफ इंडिया में खातेदारों को निर्धारित राशि से काफी कम रुपया भुगतान किया गया।
ममरी। इलाहाबाद बैंक के खातेदारों को दो हजार के नोट से तो रोशननगर की यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक में एक हजार रुपये से संतोष करना पड़ा। यही हाल हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक और गनेशपुर की ओरियंटल बैंका का रहा।
गंभीर मरीजों को नहीं मिल पा रहा पर्याप्त रुपया
गोला गोकर्णनाथ। नोट बंदी के बाद बैंकों में आई कैश की कमी से जहां एक ओर आम नागरिक, व्यापारी और जरूरतमंद परेशान हुआ है, वहीं गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों को भी रुपये नहीं मिले। दोपहर को इलाहाबाद बैंक में मेडिकल रिपोर्टों की फाइल थामें तिपाई पर बैठी मुन्नूगंज निवासी 80 वर्षीय उर्मिला देवी बैंक मैनेजर का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने बताया कि उनकी एक किडनी खराब है और दूसरी में भी डॉक्टरों ने कमी बताई है। उनका इलाज लखनऊ में चल रहा है। वह इलाज के लिए खाते से रुपया निकालने के लिए बैंक के कई चक्कर लगा चुकी हैं। शनिवार को बमुश्किल चार हजार रुपये खाते से निकले जो इलाज में खत्म हो गए हैं। वह सभी मेडिकल रिपोर्ट लेकर बैंक में भुगतान लेने आई हैं। बैंक मैनेजर ने उन्हें मेडिकल रिपोर्ट लाने के लिए कहा था ताकि सच्चाई जानकर उनके खाते से अधिकतम रुपया निकल सकें।
कांग्रेस कमेटी ने बैठक कर जताया विरोध
गोला गोकर्णनाथ। ब्लाक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने बैठक कर नोट बंदी का विरोध करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर रोष व्यक्त किया है। इस मौके पर नगराध्यक्ष सूफी आगा, आजाद अली, वारिस अली, प्रेमकुमार वर्मा, बालगोविंद वर्मा, इब्राहिम अली मंसूरी, सारूग वारसी, प्रहलाद पटेल, हफीज करेंसी आदि मौजूद रहे।
बिजली विभाग में जमा हुए 10 करोड़
बांकेगंज। नोटबंदी के 15वें दिन गोला और लखीमपुर डिवीजनों में बकाया बिजली भुगतान के लगभग 10 करोड़ रुपये जमा हुए है।
अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र सोनकर ने बताया कि नोटबंदी के बाद विभाग के बकाएदारों ने गोला और लखीमपुर डिवीजनों में लगभग 10 करोड़ रूपया जमा किए है। उन्होंने बताया आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक अब बिजली के बकाएदारों से 15 दिसंबर तक सिर्फ 500 रुपये के पुराने नोट ही स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से असुविधा से बचने और बकाया अदा करने के लिए 500 रुपये के पुराने नोट लाने की बात कही है।