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बांकेगंज सीएचसी में किया तीमारदारों ने किया

Sun, 20 Sep 2015 11:36 PM IST
बांकेगंज
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संभावित दिमागी बुखार से पीड़ित बालिका को शनिवार रात करीब 11 बजे लेकर पहुंचे घरवालों का सीएचसी में डॉक्टर के न मिलने पर गुस्सा फूटा गया। यहां केवल फार्मासिस्ट मौजूद था। इससे गुस्साए तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। बाद में वह तेज बुखार से कराह रही बालिका को इलाज के गोला एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया।
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शनिवार रात लगभग 11 बजे गांव गुलाब नगर निवासी नजरूल्ला और उनके परिवारीजन जियाउल्ला, मुन्ना आदि तेज बुखार से पीड़ित बालिका फिजा (16) को इलाज के लिए बांकेगंज सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। तेज बुखार से कराह रही बालिका फिजा को देखकर वहां मौजूद फार्मासिस्ट चंद्रशेखर ने डॉक्टर की सलाह के बगैर बालिका का प्राथमिक उपचार करने में हाथ खड़े दिए। उसने घरवालों को रेफर स्लिप थमा दी इससे नाराज तीमारदारों ने वहां हंगामा किया। इसके दौरान बालिका की हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिवारीजन उसे इलाज के लिए गोला प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गए जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी है।
निजी चिकित्सक से करा रहे इलाज
गांव कोठीपुर में छह वर्षीय किशोरी ज्योति पुत्री सुरेंद्र कुमार और 25 वर्षीय सुमन पुत्री जगतपाल पिछले कई दिनों से संभावित दिमागी बुखार की चपेट में हैं। परिवारीजन इन्हें इलाज के लिए सीएचसी ले गए। लेकिन वहां न इलाज मिला और न ही दवाई। दोनों की हालात ज्यादा बिगड़ने पर शनिवार परिवारीजनों ने गोला प्राइवेट चिकित्सकों के यहां ले जाकर उन्हें भर्ती कराया। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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ग्रामीणों ने लगाए आरोप
ग्रामीण कृष्ण कुमार दिवाकर, इरफान अली, मनोज माहेश्वरी, विपिन, मुश्ताक अली, जुबेर अहमद, किशोरी लाल, प्रमोद कुमार आदि ने आरोप लगाया कि बांकेगंज कस्बा सहित निकटवर्ती गांवों में सैकड़ों लोगों को तेज बुखार ने अपनी गिरफ्त में ले रखा है। सीएचसी में इलाज के लिए पहुंचने पर लोगों को वहां न डॉक्टर मिलते हैं और न दवाई। इस कारण लोगों को झोलाछाप से इलाज कराना पड़ता है।
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