लखीमपुर खीरी। यूनाइटेेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर सरकारी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। बैंक शाखाओं पर दिन भर तालाबंदी रही। कर्मचारियों ने बैंकों को लेकर सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। बैंक कर्मियों ने सम्मानजनक वेतन समझौते की मांग की। हड़ताल के चलते शनिवार को ही एटीएम पूरी तरह खाली हो गए, अधिकतर लोग यह सोचकर परेशान रहे कि अब रविवार को क्या होगा।
इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा के बाहर जिलाध्यक्ष प्रमोद शर्मा की अगुआई में सभी राष्ट्रीय बैंकों के कर्मचारी एकत्र हुए। इसके बाद सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों को लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मियों को सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए। सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग की व्यवस्था लागू होनी चाहिए और अधिकारियों के काम करने के घंटे तय किए जाएं। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग उठाई और पारिवारिक पेंशन में सुधार की मांग की। हड़ताल के चलते इलाहाबाद बैंक, स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सिंडीकेट बैंक की शाखाएं बंद रहीं। प्रदर्शन में एसके जायसवाल, दयानंद कुमार, एससी भट्ट, अमित कुमार, नीलम, मोनिका, प्रीती, प्रियंका, समता, अनुराग पांडेय शामिल हुए।
बैंकों की हड़ताल से व्यापार प्रभावित हुआ है। लेनदेन न होने से व्यापार प्रभावित हुआ है। भुगतान के लिए चेक क्लियर नहीं हो पाए हैं। जिन्हें भुगतान करना था, उन्हें भी समय से भुगतान नहीं किया जा सका है।
शोभित गुप्ता, उद्यमी
शादियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में बैंक बंद होने से लोगों को पैसा नहीं मिल पाया, जिससे लोग खरीददारी नहीं कर पाए। जिसके चलते दुकानदारी फीकी रही।
अजय गुप्ता, सराफ
हड़ताल से बैंकों में करीब 300 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। व्यापारियों के भी ट्रांजेक्शन नहीं हो सके। खासकर बड़े उद्यमियों को भी दिक्कत आई हैं। सोमवार से कामकाज शुरू हो जाएगा।
-जितेंद्र नाथ श्रीवास्तव, एलडीएम