लखीमपुर खीरी। बकाया भुगतान की मांग को लेकर जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) के कर्मचारियों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। बैंक की सभी 62 शाखाओं में तालाबंदी होने से कामकाज ठप हो गया है। इससे आठ लाख खाताधारक प्रभावित हुए हैं और प्रतिदिन 40 हजार ट्रांजेक्शन के माध्यम से होने वाला करोड़ों का लेनदेन ठप हो गया। कर्मचारियों ने डीआर (उप निबंधक) के खिलाफ नारेबाजी की और बैंक कर्मियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
डीसीबी मुख्यालय परिसर में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। कोऑपरेटिव बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री सुरेंद्र पाठक ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त प्रावधान होने के साथ कर्मचारियों को बोनस समेत अन्य देय पावनाओं का भुगतान करने के लिए 5.50 करोड़ रुपये की उपलब्धता है। बैंक प्रबंधन ने कर्मचारियों के पावनाओं का भुगतान करने के लिए उप आयुक्त/उप निबंधक, सहकारिता मंडल लखनऊ से अनुमति मांगी गई, लेकिन हठधर्मिता एवं अड़ंगेबाजी के चलते उप निबंधक ने अनुमति नहीं दी है। इससे बैंक कर्मचारी अपने हक से वंचित हैं। स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव मिश्रा ने कहा कि लंबे समय से बोनस, ओवर टाइम, सुपरविजन भत्ते का भुगतान किया जाता रहा है। वर्ष 2018-19 के बोनस का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। अप्रैल 2018 से लंबित ओवर टाइम एवं सुपरविजन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों में रोष है, जबकि कर्मचारी संगठन द्वारा भुगतान के लिए लगातार मांग की जा रही है। अधिकारी हठधर्मी रवैया अपनाए हुए हैं। इससे पहले बैंक कर्मियों ने सात सितंबर से 11 सितंबर तक सभी शाखाओं समेत मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया था। इसका अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया, जिससे प्रस्तावित आंदोलन के मुताबिक कर्मचारी बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
कर्मचारियों ने बोनस के भुगतान समेत अन्य देयकों के लिए हड़ताल की है। इससे सभी 62 बैंक शाखाएं बंद हो गई है। कितना लेनदेन प्रभावित हुआ है? इसका आकलन किया जा रहा है।
प्रवीण कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, डीसीबी