लखीमपुर खीरी। मानदेय सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में बैंक सखी बारिश के बीच कलक्ट्रेट पहुंचीं। डीएम को संबोधित ज्ञापन देने के बाद सभी ने विकास भवन में डीसी कार्यालय का घेराव किया। विभागीय अफसरों ने उनकी समस्याएं सुनीं, लेकिन ठोस समाधान न होने पर महिलाओं का हंगामा काफी देर तक चलता रहा।
महिलाओं ने कहा कि वे पांच वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने, समूहों और ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी देने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, बैंक खातों में जमा-निकासी समेत विभिन्न बैंकिंग कार्यों में मदद कर रही हैं। आने-जाने, मोबाइल फोन और इंटरनेट पर भी खुद के रुपये खर्च करती हैं। इसके एवज में उन्हें मात्र चार हजार रुपये मानदेय दिया जाता है, जो खर्च की तुलना में काफी कम है। काफी सखियों को डेढ़ से दो साल से मानदेय भी नहीं मिला है।
महिलाओं ने मानदेय 20 हजार रुपये करने की मांग की। साथ ही नियमित कर्मचारी का दर्जा देने, समय पर सीधे उनके बैंक खातों में मानदेय भेजने और समय-समय पर बढ़ोतरी करने की मांग की। इस दौरान दामिनी वर्मा, प्रीति देवी, रती देवी, आरती देवी, शिफा, लक्ष्मी तिवारी, साधना सिंह, पूनम, अनीता, रामदेवी, रेशमा देवी, संध्या आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
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काम आधारित मानदेय की सुविधा है। महिलाएं काम करती हैं, उनको नियमित मानदेय दिया जा रहा है। जिन महिलाओं ने मानदेय न मिलने की बात कही है, उसकी जांच कराई जाएगी। मानदेय बढ़ाने सहित मांगों को लेकर जो ज्ञापन दिया गया, उसको उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया।
-जितेंद्र कुमार मिश्रा, उपायुक्त, स्वत: रोजगार