पलियाकलां। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में बिजली संकट को लेकर शाखा प्रबंधक देवेंद्र सिंह ने ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर बिजली निगम के अधिकारियों पर मनमानी और 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। बिजली निगम ने आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कनेक्शन में विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी और तकनीकी अड़चन का हवाला दिया है।
प्रबंधक देवेंद्र सिंह के मुताबिक, शाखा का बिजली मीटर 23 जून को खराब हो गया था। इसकी सूचना उसी दिन बिजली निगम को दे दी गई, लेकिन हफ्तों बाद भी मीटर नहीं बदला गया। बैंक में बिजली न होने से कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है। इससे बैंकिंग सेवाएं लेने वाले स्थानीय लोगों को रोज परेशानी हो रही है।
आरोप पर बिजली निगम के अधिशासी अभियंता निशांत ज्योति ने रिश्वत की बात को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह केवल तकनीकी मामला है। उनके अनुसार बैंक प्रबंधक ने अब तक विद्युत सुरक्षा निदेशालय से जरूरी एनओसी जमा नहीं की है। इसके बिना कनेक्शन जोड़ना नियमों के विरुद्ध है।
एसडीओ दीपक सिंह ने बताया कि बैंक का लोड चार किलोवाट से बढ़ाकर 10 किलोवाट किया गया है, जिसके लिए थ्री फेज कनेक्शन चाहिए। वर्तमान में बैंक जिस स्थान पर स्थित है, वहां केवल सिंगल फेज लाइन है, जिससे यह बदलाव तकनीकी रूप से जटिल हो रहा है।