लखीमपुर खीरी। बोर्ड परीक्षाओं के साथ स्कूलों की गृह परीक्षाएं भी अगले सप्ताह समाप्त होने वाली हैं। इसके बाद बच्चों की छुट्टियां शुरू होंगी, लेकिन शहर के पार्कों की बदहाल स्थिति उनके खेलने-कूदने के सपनों पर पानी फेर सकती हैं। नगर पालिका की अनदेखी के कारण शहर के अधिकांश पार्कों में झूले टूटे पड़े हैं, लाइटें खराब हैं और फव्वारे कीचड़ से पटे हुए हैं।
बुधवार को शहर के पांच प्रमुख पार्कों की पड़ताल में साफ-सफाई और रखरखाव की गंभीर कमी सामने आई। कई पार्कों में बच्चों के झूले पूरी तरह टूट चुके हैं, जबकि कुछ जगह केवल खाली मैदान ही बचा है।
सोलर लाइटें बंद पड़ी हैं और डस्टबिन भी क्षतिग्रस्त हालत में हैं। कई जगह जलभराव और गंदगी के कारण लोगों को बैठना भी मुश्किल हो रहा है।
ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित पार्क में बच्चों के साथ आए बुजुर्ग दिनेश गुप्ता ने बताया कि यहां काफी समय से झूले खराब पड़े हैं और अब पार्क में सिर्फ घास का मैदान बचा है। गांधी पार्क में मिले बच्चों आशीष और नीरज ने बताया कि गंदगी और कीचड़ के कारण पार्क में खेलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी सतीश मिश्रा ने कहा कि पार्क की लाइटें भी टूट चुकी हैं और रात में अंधेरा रहता है।
शहीद भगत सिंह पार्क में टूटे झूले। संवाद
शहीद भगत सिंह पार्क में टूटे झूले। संवाद
शहीद भगत सिंह पार्क में टूटे झूले। संवाद
शहीद भगत सिंह पार्क में टूटे झूले। संवाद
शहीद भगत सिंह पार्क में टूटे झूले। संवाद
शहीद भगत सिंह पार्क में टूटे झूले। संवाद
शहीद भगत सिंह पार्क में टूटे झूले। संवाद
शहीद भगत सिंह पार्क में टूटे झूले। संवाद