ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के दक्षिण गांव झारा परसेला के मध्य गन्ने के खेतों में चार दिनों से विचरण कर रहे बाघ ने शनिवार की शाम एक बकरी को निवाला बना लिया। जबकि बकरी चरा रहे चार किशोर हमले में बाल- बाल बच गए। बाघ का यहां पर यह चौथा हमला है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। वनकर्मियों ने भी हमले की पुष्टि की है।
शनिवार की शाम परसेला गांव के पास लल्लाराम के गन्ने में बाघ ने खेत में बकरी चरा रहे परसेला निवासी ओमप्रकाश के 14 वर्षीय बेटे अंकित और गांव के ही उसके साथी नितिन, बंटी, कल्लू को दौड़ा लिया। बच्चों ने भागकर जान बचाई। इसी बीच बाघ ने एक बकरी पर हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया। बच्चों के शोर मचाने पर लाठी डंडे लेकर पहुंचे गांव वालों के शोर मचाने, आग जलाने पर बाघ बकरी को लेकर गन्ने में घुस गया। गांव वालों का कहना है कि चार दिन से गन्ने में बाघ की दहशत से लोग छिलाई नहीं कर पा रहे हैं। बच्चे स्कूल जाने से घबरा रहे हैं। फिर भी अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। फॉरेस्टर रामनरेश वर्मा, वनरक्षक श्यामकिशोर शुक्ला का कहना है बाघ की निगरानी की जा रही है, फिर भी बाघ गन्ना नहीं छोड़ रहा है। परसेला, झारा, बरगदिया, गनेशपुर के ग्रामीणों की माने तो वनकर्मी खुद गन्ने के पास जाने से घबरा रहे हैं। रेंजर मोबीन आरिफ ने भयभीत गांववालों को एसटीपीएफ जवानों संग कांबिंग कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही लोगों से सतर्क रहने, गन्ने की छिलाई समूह बनाकर करने को कहा है।