लखीमुपर खीरी। शहर की सफाई व्यवस्था कितनी बेहतर है इसकी हकीकत चोक नाले नालियां की स्थित देखकर लगाया जा सकता है। नाले चोक होने के कारण गलियों में जलभराव है, जिससे लोगों का निकलना तक मुश्किल है। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अब पालिका प्रशासन शहर की रैकिंग बढ़ाने में लगा हुआ है। इसके लिए होर्डिंग्स के साथ-साथ शहर की दीवारों पर चित्रकारी करानी भी शुरू कर दी है। लेकिन गंदगी पर किसी का ध्यान नहीं है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत चार से 31 जनवरी तक नगर का सर्वे होगा। इसमें सर्वेक्षण टीम नगर पालिका की ओर से शहर स्वच्छ बनाने के लिए किए गए कार्यों का निरीक्षण करेगी। इसके साथ शहर के मोहल्लों का भ्रमण कर नगरवासियों से सफाई व्यवस्था पर सवाल भी करेगी। नगरवासियों की ओर से दिए गए जवाब पर पालिका प्रशासन को अंक मिलेंगे। नागरिक प्रतिक्रिया 1500 अंक की है। शहरवासियों के सकारात्मक जवाबों से ही रेटिंग बेहतर हो सकेगी और यदि जवाब नकरात्मक हुआ तो इस बार भी रैकिंग अच्छी रहने वाली नहीं हैं। लेकिन सफाई व्यवस्था में खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। कूड़े के ढेर जहां-तहां देखने को मिल जाते हैं।
नाले की सफाई न होने से नई बस्ती का नाला चोक हो चुका है। इससे गली तालाब बन गई है। जलभराव होने के कारण वहां के लोगों का निकलना मुश्किल है। मोहल्ले के विकास श्रीवास्तव बताते हैं कि गली जलमग्न हो गई है। उन्होंने बताया कि नाला सफाई के लिए अपने खर्चे पर सफाई कर्मी को बुलाकर मलबा निकलवाया जाता है।
गली में जलराव होने की जानकारी मिली है। सोमवार को कर्मचारियों को भेजकर नाले की सफाई कराई जाएगी, जिससे मोहल्ले के लोगों को परेशानी न हो। - आरआर अंबेश, अधिशाषी अधिकारी
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगरवासियों को जागरूक करने के लिए पेंटिंग कराने के साथ होर्डिँग लगवाए जा रहे हैं, जिससे शहरवासी सकारात्मक प्रतिक्रिया देकर बेहतर रेटिंग दिलाएं। - निरूपमा बाजपेई, अध्यक्ष, नगर पालिका लखीमपुर