कोरोना काल में अंतरराष्ट्रीय उड़ाने बंद होने से मायूस हुए विदेशी पर्यटक
पांच साल के अंदर एक लाख से ज्यादा सैलानी आए
बांकेगंज। उप्र के इकलौते राष्ट्रीय उद्यान दुधवा नेशनल पार्क जहां सैलानियों के लिए रोमांच भरे पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन गया है, वहीं विदेशी सैलानी यहां की जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य से आकर्षित होकर खिंचे चले आते हैं। हालांकि पिछले दो साल से कोरोना के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद रहने के कारण विदेशी सैलानियों में कुछ कमी आई है, जबकि पिछले पांच साल के अंदर एक लाख से ज्यादा सैलानी आए।
दुधवा टाइगर रिजर्व में पिछले पांच साल के अंदर कुल एक लाख 15 हजार 634 सैलानी आए, जिनमें से विदेशी 777 और भारतीय एक लाख 14 हजार 857 पर्यटक थे। अगर साल दर साल दुधवा में आने वाले सैलानियों की संख्या पर गौर करें तो वर्ष 2016-17 में 23359 भारतीय और 152 विदेशी सैलानियों ने दुधवा का भ्रमण किया, जबकि वर्ष 2017-18 में 24334 भारतीय और 94 विदेशी सैलानियों ने दुधवा के प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाया। इसी तरह वर्ष 2018-19 में 29124 भारतीय और 304 विदेशी, वर्ष 2019-20 17267 भारतीय और 218 विदेशी, वर्ष 2020-21 20772 भारतीय के अलावा सिर्फ नौ विदेशी सैलानी ही आए।
दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन सत्र 2019-20 और 2020-21 में कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन में पर्यटन सत्र आधे समय ही चल सका। इस बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ाने बंद रहने से विदेशी सैलानियों की संख्या कम रही। बावजूद इसके दुधवा के पर्यटन को लेकर विदेशी सैलानियों का आकर्षण कम नहीं हुआ। नतीजतन वर्ष 2020-21 में संक्रमण में कमी आने के बाद शुरू हुईं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से नौ विदेशी सैलानियों ने दुधवा का भ्रमण किया है।
इको टूरिज्म के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। यहां आने वाले सैलानियों की संख्या में साल दर साल बढ़ोतरी इस बात का प्रतीक है। यहां की जैव विविधता सारे विश्व में अद्युतीय मानी जाती है। यहां की जलवायु में सभी प्रकार की वनस्पतियां उगती हैं और भारत के अंदर पाए जाने वाले हर वन्यजीव का यहां बसेरा है।
पिछले पांच सालों में दुधवा में एक लाख 15 हजार 634 भारतीय और 777 विदेशी सैलानी आए
वर्ष 2016-17
भारतीय- 23359
विदेशी- 152
वर्ष- 2017-18
भारतीय-24334
विदेशी- 94
वर्ष 2018-19
भारतीय- 29125
विदेशी- 304
वर्ष 2019-20
भारतीय- 17267
विदेशी- 218
वर्ष 2020-21
भारतीय- 20772
विदेशी-09
दुधवा टाइगर रिजर्व की समृद्ध जैव विविधता और यहां का प्राकृतिक सौंदर्य भारतीय और विदेशी सैलानियों को हमेशा आकर्षित करता है। यही कारण है कि साल दर साल यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक ,दुधवा टाइगर रिजर्व