मुजफ्फनगर दंगे की जांच रिपोर्ट पर साध्वी प्राची ने उठाया सवाल
जेएनयू प्रकरण पर कहा कि वहां राष्ट्रद्रोह की फैक्ट्री चल रही है
मुजफ्फरनगर दंगे की जो जांच रिपोर्ट आई है उसमें सारा दोष प्रशासन के ऊपर मढ़ दिया गया है जबकि मुख्य आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट मुजफ्फरनगर की जनता को स्वीकार नहीं है। असली गुनहगार को सजा दिलाने तक मुजफ्फरनगर की जनता चुप नहीं रहेगी। यह बात यहां विहिप नेता साध्वी प्राची ने पत्रकारों से बातचीत में कही।
निघासन क्षेत्र में एक यज्ञ कार्यक्रम में शामिल होर्ने आइं साध्वी ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर में गौरव और सचिन की हत्या शाहजाद और उसके परिवार के लोगों ने की लेकिन आजम खां के फोन पर पुलिस ने हत्यारों को छोड़ दिया। जांच एजेंसी ने उस समय की कॉल डिटेल क्यों नहीं निकलवाई। प्रदेश सरकार की तुष्टिकरण की नीति के चलते आजम खां को बचाया जा रहा है। इसके लिए मुजफ्फरनगर की जनता आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जो गलती की वह आजम खां और प्रदेश सरकार के दबाव में की लेकिन जांच रिपोर्ट में पूरी तरह प्रशासन को दोषी ठहराने की कोशिश की गई है। उन्होंने अनुपम खेर के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि अनुपम खेर में दम है तो उन्हें और योगी आदित्यनाथ को जेल में डलवा दें लेकिन वे हिंदुओं के हित के लिए जब तक जिंदा हैं संघर्ष करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि जेएनयू में राष्ट्रद्रोह की फैक्ट्री चल रही है वहां से भगत सिंह जैसे लोगों के निकलने की कल्पना करना व्यर्थ है। जेएनयू पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग पिछड़ा वर्ग के रोहित वेमुला को दलित बताकर राजनीति कर रहे हैं उन्हें शर्म आनी चाहिए। गोहत्या रोकने के प्रयास में दरोगा मनोज मिश्रा की हत्या पर प्रदेश सरकार चुप है जबकि अखलाक को 50 लाख रुपये और दो-दो फ्लैट दिए जा रहे हैं। प्रदेश की जनता इन सब बातों का जवाब 2017 में देगी। प्रेसवार्ता में विहिप जिलामंत्री बृजेश पांडे, मनीष मिश्रा और भाजपा नेता कमलेश मिश्रा सहित तमाम लोग उपस्थित थे।