पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में पांच दिन पहले लापता हुए मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी सूरज का शुक्रवार को भी सुराग नहीं लगा। शव की तलाश में जंगल पहुंचे परिजनों को घटनास्थल से कुछ दूरी पर राख मिली।
परिजनों ने राख में हड्डियों के टुकड़े होने का दावा किया। पास में घास काटने वाली दरांती और काले जूते मिलने की बात भी कही। इससे उन्होंने सूरज के शव को जंगल में जलाए जाने की आशंका जताई। हालांकि राख, हड्डियों, जूतों और दरांती का सूरज से संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूरज की पत्नी गुड़िया ने भी पति का शव जंगल में जलाए जाने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि वन विभाग के जिम्मेदारों ने शव मिलने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न शव मिला और न कार्रवाई हुई। परिजनों के मुताबिक जहां राख मिली, वहां कुछ जलाए जाने के संकेत हैं। उनका कहना है कि यदि किसी जानवर को भी जलाया गया है तो इसकी जांच जरूरी है।
साथ गए दोनों युवकों पर सवाल
परिजनों के मुताबिक, सूरज के साथ धरती के फूल लेने गए साहिन और विनोद भी अब अपने बयानों से मुकर रहे हैं। उनका दावा है कि दोनों बृहस्पतिवार से लापता हैं। परिजनों ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों से पूछताछ में घटना से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। परिजनों ने आशंका जताई कि सूरज पानी में कूदा ही न हो। आरोप है कि वन कर्मचारियों की पिटाई से उसकी मौत हुई और बाद में घटना को दूसरा रूप देने के लिए उसके पानी में कूदने की बात कही गई। परिजनों के अनुसार, सूरज के साथ गए दोनों युवकों ने तत्काल उसके पानी में कूदने की सूचना नहीं दी थी। उनका यह भी आरोप है कि एक वन कर्मचारी का फोन आया था। कर्मचारी ने कथित तौर पर बताया था कि तीनों को पकड़ लिया गया है और पैसे लेकर आने पर ही उन्हें छोड़ा जाएगा। बाद में सूरज के पानी में कूदने की बात सामने आई।
परिजनों ने राख, हड्डियों और अन्य सामान को कब्जे में लेकर वैज्ञानिक जांच कराने, साहिन और विनोद से पूछताछ तथा दोषी वन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
जहां आग की बात सामने आई थी, वहां जांच की गई। आग कूड़ा-करकट जलाने जैसी प्रतीत हुई। कोई हड्डी का टुकड़ा नहीं मिला। जूते की शिनाख्त कराई गई, लेकिन सूरज की पत्नी के मुताबिक जूते उसके पति के नहीं हैं। राख की सैंपलिंग की गई है।
-जितेंद्र सिंह परिहार, पुलिस क्षेत्राधिकारी