लखीमपुर खीरी। पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन शनिवार को भी शहर की यातायात व्यवस्था लड़खड़ाई रही। प्रमुख मार्गों पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थी बस अड्डे पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। डिपो की व्यवस्थाएं फेल हो गईं। रेलवे स्टेशन पर भी आपाधापी का नजारा दिखा।
रोडवेज बस में किराया मुफ्त होने की वजह से अधिकांश अभ्यर्थियों का रुख बसों की तरफ रहा। ऐसे में सुबह से लेकर शाम तक बसें दौड़ती रहीं। हर एक बस खचाखच भरी थी। परीक्षा छूटने के बाद सबसे ज्यादा दिक्कतें महिला अभ्यर्थियों को उठानी पड़ीं। भीड़ इस कदर रही कि सीट मिलना तो दूर बस में घुसने के लिए धक्का-मुक्की झेलनी पड़ी।
बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत अन्य मार्गों पर बसों की संख्या कम होने पर अभ्यर्थियों को बसों का इंतजार करना पड़ा। पलिया, औरंगाबाद सहित कई मार्गों पर रोडवेज बसें नहीं चलती हैं। जिसकी वजह से अभ्यर्थियों को किराया देकर सफर करना पड़ा। इधर, पहले दिन की व्यवस्था लड़खड़ाने पर दूसरे दिन शनिवार को रोडवेज ने बसों के चक्कर बढ़ाने के साथ ही बसों की संख्या भी बढ़ाई।
ई-रिक्शा चालकों की रही मौज
रोडवेज और रेलवे स्टेशन से अभ्यर्थियों को सेंटर तक पहुंचने में ई-रिक्शा संचालकों ने खूब कमाई की। सामान्य दिनों में 400 से 500 रुपये कमाते थे, उनकी कमाई परीक्षा के दौरान 1500 से 2000 तक हुई है। कुछ संचालकों ने मनमाना किराया भी वसूला।
जाम से जूझे लोग आमजन
पहली पाली की परीक्षा छूटी तो अभ्यर्थियों का रेला बस अड्डे पर पहुंच गया। भीड़ बढ़ी तो व्यवस्थाएं फेल हो गईं। बस अड्डा मार्ग पर जाम की स्थिति हो गई। यही स्थिति हीरालाल धर्मशाला चौराहा, रेलवे स्टेशन के सामने और संकटा देवी चौराहे पर हुई। ई-रिक्शा की बेतरतीब आवाजाही भी जाम का कारण बनी। हालांकि यातायात पुलिस ने व्यवस्थाएं जल्द संभाल लीं।