शहर में आवारा घूमते जानवर शहर के लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। यह जानवर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। सब्जीमंडी फलमंडी और गल्लामंडी में तो इन जानवरों के कारण घुसना मुश्किल हो गया है। कभी-कभी तो यह जानवर बीचोबीच सड़क पर बैठकर रास्ता जाम कर देते हैं। यहीं नहीं कभी-कभी यह जानवर हमलावर होकर लोगों को घायल भी कर देते हैं। इसी माह आवारा पशुओं के हमले में आधा दर्जन लोग घायल हो चुके हैं।
यातायात व्यवस्था के लिए मुसीबत
शहर में घूमने वाले आवारा जानवर आम तौर पर सड़कों पर घूमते नजर आते हैं। कभी-कभी तो यह बीच सड़क या चौराहों पर डेरा जमाकर बैठ जाते हैं। ऐसी स्थिति में सड़कों पर जाम लगना आम बात हो गई है। कई बार यह जानवर बाइक चालकों को टक्कर मारकर गिरा देते हैं।
इनके यह हैं अड्डे
यूं तो आवारा जानवर खुले आम सड़कों पर घूमते हैं लेकिन सब्जीमंडी, फलमंडी, पुरानी गल्लामंडी, संकटा देवी मंदिर समेत शहर के सभी मंदिरों के आसपास आवारा जानवरों का आतंक सबसे ज्यादा है। आवारा जानवर भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में भी आतंक मचाते हैं।
कई लोगों को कर चुके हैं घायल
आवारा जानवर इसी एक माह में आधा दर्जन लोगों को घायल कर अस्पताल पहुंचा चुके हैं। अर्जुनपुरवा निवासी मुकेश को सब्जी मंडी में सांड़ ने घायल कर दिया। हाथीपुर मोहल्ले के सर्वेश की बाइक रात के अंधेरे में सड़क पर बैठी एक गाय से टकरा गई। इससे वह बुरी तरह घायल हो गए। एक ठेले पर फल खरीदते समय राम बहादुर को सांड़ ने चोट पहुंचाई। इसी तरह दुर्बल आश्रम मोहल्ले के राम रतन, राजेश और कैलाश भी आवारा जानवरों के हमले में घायल हो चुके हैं।
नगर पालिका के प्रयास भी कारगर नहीं
आवारा जानवरों पर नियंत्रण के लिए नगर पालिका ने एक कैटल कैचर खरीदा और शहर में तीन पशुबाड़ों का निर्माण कराया। कैटल कैचर के जरिए आवारा जानवरों को पशुबाड़ों में बंद करने के लिए कई बार अभियान चलाए लेकिन पालिका के यह प्रयास कारगर नहीं हुए।
गाय के हमले में व्यापारी घायल
मैलानी। छुट्टा गाय ने शाम को साप्ताहिक बाजार में व्यापार मंडल के पूर्व कोषाध्यक्ष राम प्रकाश शर्मा को सींग मारकर गिरा दिया, जिससे उनकी जांघ में फ्रैक्चर हो गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पीलीभीत ले जाया गया है।
अध्यक्ष, नगर पालिका डॉ. इरा श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में पशुओं का सड़कों पर आवारा घूमना एक बड़ी समस्या है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका ने शहर में तीन पशुबाड़ों का निर्माण कराया और एक कैटल कैचर भी खरीदा है। समय-समय पर आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान भी चलाया जाता है लेकिन समस्या से निजात पाने के लिए जागरूकता जरूरी है। लोगों को अपने पशु बांध कर रखने चाहिए।