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Lakhimpur Kheri News: गुस्साए ग्रामीणों ने एसडीओ और जेई को दौड़ाया

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लखीमपुर खीरी। कटानरोधी कार्य में मानकों की अनदेखी और खानापूर्ति किए जाने का आरोप लगाकर माथुरपुर, कुर्तैहा के ग्रामीणों ने सहायक अभियंता और जेईई का घेराव किया। मौके से खदेड़ कर काम रुकवा दिया। हालांकि बाद में ग्रामीण माने और कार्य शुरू कराया।
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ब्लॉक मुख्यालय रमियाबेहड़ से आठ किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत रामनगर बगहा, सुजानपुर, के ग्रामीण घाघरा नदी का रौद्र रूप देख भय के साए में जी रहे हैं। साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बनी बांध परियोजना को नदी निगल कर तेजी से आबादी की तरफ बढ़ रही है।
शनिवार रात करीब नौ बजे घाघरा नदी पर जनरेटर चला कर बाढ़ खंड शारदानगर के सहायक अभियंता बीडी गौतम, जेई राकेश कुमार, जेई आरपी सिंह, जेई अभिषेक कुमार की देखरेख में राहत एवं बचाव कार्य चल रहा था।
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घाघरा नदी कटान की गति के अनुरूप काम न करवा महज खानापूर्ति करते देख माथुरपुर, कुर्तैहा के ग्रामीण भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भड़क गए। सहायक अभियंता, जेईई की घेराबंदी की। मौके से खदेड़कर काम रुकवा दिया।
मालूम हो कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में घाघरा नदी पर 498.52 लाख रुपये की लागत से बनी 780 मीटर कुर्तैहा-माथुरपुर बांध परियोजना पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
इस परियोजना का उद्देश्य बांध बनाकर कुर्तैहा, माथुरपुर, सुजानपुर आदि गांव को बचाना था। ग्रामीणों के मुताबिक बांध बनाते समय ठेकेदार ने मानक की अनदेखी की। इस कारण बांध नदी में समा गया। महज 30 मीटर ही बांध बचा है।


शनिवार रात करीब नौ बजे से रविवार सुबह ग्यारह बजे तक राहत एवं बचाव कार्य बंद रहा। भीड़ काफी थी। रात का समय था, जिससे किसी की पहचान नहीं हो सकी। कोई शिकायत नहीं की गई है। अब कोई विवाद नहीं है। सब सहयोग कर रहे हैं। काम युद्ध स्तर पर चल है।

बीडी गौतम, सहायक अभियंता

एसडीओ द्वारा मौखिक रूप से बताया गया था। पुलिस मौके पर गई थी। सभी ग्रामीणों को एकत्रित करके समझाया गया है। काम शुरू हो गया है। अब कोई विवाद जैसी बात नहीं है। घाघरा नदी की कटान की गति तेज होने से ग्रामीण घबराए हुए थे।
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हरिकेश राय, थानाध्यक्ष पढ़ुआ
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