लोगों का समझाने का प्रयास करते पुलिस अफसर
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शरीर पर चोटें देख भड़का आक्रोश
आसाराम की पीठ पर चोटों और जांघ पर करंट के निशान देख परिजनों व ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। सैकड़ों की भीड़ शनिवार सुबह आठ बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव रखकर पकरिया जलालपुर गांव से करीब पांच किमी दूर कस्ता चौराहे पर पहुंची और शव सड़क पर रखकर हंगामा करने लगी। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के समझाने के दौरान उनकी कई बार उनसे नोकझोंक हुई। जाम लगता देखकर छह थानों के फोर्स के साथ-साथ पीएसी की एक कंपनी भी बुला ली गई।
कस्ता चौराहे पर हंगामे के कारण लगा जाम
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सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एएसपी नैपाल सिंह के समझाने पर परिजन माने। तब दोपहर करीब ढाई बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बाद में पुलिस ने मृतक के बेटे रोहित की तहरीर पर पिपरझला पिकेट प्रभारी और हेड कांस्टेबल बृजलाल के विरुद्ध हत्या और अवैध रूप से कैद में रखने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। हालांकि मुकदमे में पिकेट प्रभारी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।
मृतक आसाराम के परिवार की महिलाएं
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बच्ची के पिता ने तहरीर देकर आसाराम पर लगाया था आरोप
बच्ची अंशु के पिता अनूप ने शुक्रवार सुबह ही थाना पहुंचकर पुलिस को एक और तहरीर दी थी जिसमें उसने गांव के ही आसाराम और गिरवर पर हत्या का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस गन्ने की बुआई कर रहे आसाराम को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं, विसरा सुरक्षित
शनिवार अपराह्न आसाराम के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। इस दौरान वीडियो रिकार्डिंग भी की गई। एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि शव पर कहीं भी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट न होने की चलते विसरा सुरक्षित किया गया है।