महाराणा प्रताप जयंती पर पलिया और चंदनचौकी में आयोजित हुए कार्यक्रम
महाराणा प्रताप की 476वीं जयंती पर जिले भर में कई आयोजन हुए । क्षत्रिय समाज ने नौरंगाबाद स्थित चंदेल ठाकुरद्वारा में महाराणा प्रताप जयंती पर हवन पूजन किया। मौजूद लोगों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसी के साथ यहां एक गोष्ठी भी हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता कुंवर हेमंत ब्रह्म चंदेल ने की।
इस मौके पर कुंवर हेमंत ब्रह्म चंदेल ने कहा महाराणा प्रताप अपनी मातृभूमि की रक्षा और राष्ट्र का गौरव बचाने के लिए जीवन पर्यंत मुगलों से लोहा लेते रहे। उन्होंने उस समय मुगलों का बहादुरी से सामना किया जब पूरा देश मुगलों का पिछलग्गू बन चुका था। इस समय अकेले चित्तौड़ पर ही केसरिया ध्वज लहरा रहा था। उन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा और स्वतंत्रता के लिए अनेक कष्ट सहे। उन्हें जंगलों में रहना पड़ा। घास की रोटियां खानी पड़ीं इसके वावजूद उन्होंने मुगलों की गुलामी नहीं स्वीकार की।
उन्होंने क्षत्रिय समाज का आह्वान किया कि क्षत्रिय अपने गौरवशाली इतिहास को याद करें और अपने गौरव को पुर्नस्थापित करने का प्रयास करें। इसके लिए समाज की एकजुटता और राजनीतिक जागरूकता बेहद जरूरी है। मौजूदा समय में राजनीतिक रूप से मजबूत हुए बिना अपने गौरव को वापस नहीं पा सकते। गोष्ठी को रवि प्रकाश सिंह, प्रदीप सिंह, संजय सिंह, राजेश सिंह, धारा सिंह सिसौदिया, अजय प्रताप सिंह, धीरेंद्र सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
पलियाकलां-चंदनचौकी। पलिया के माहौर वैश्य कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वैज्ञानिक डॉ. हरमेश चौहान ने कहा कि यदि इस देश का क्षत्रिय सशक्त, शिक्षित, समृद्ध और संगठित है तो वह देश फिर से विश्वगुरु बन सकता है। क्योंकि क्षत्रियत्व ही राष्ट्रीयत्व हैँ। महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री और प्रतिभा फाउंडेशन के प्रदेश महासचिव कृष्ण अवतार भाटी ने कहा कि क्षत्रियों के गौरवशाली संस्मरणों के बिना दुनिया का इतिहास केवल कागजों का ढेर है। पवित्र ग्रंथ रामायण और महाभारत उसके साक्षी हैं जो कि क्षत्रियों की गौरवगाथा है। प्रसिद्ध पर्यावरणविद और शिक्षाविद डॉ. वीपी सिंह ने कहा कि क्षत्रियों को शिक्षित और संगठित होकर समाज और राष्ट्र का नेतृत्व करना चाहिए तथा पुन: समाज के मुख्य संरक्षक की भूमिका में आना चाहिए। कार्यक्रम को लखनऊ नगर निगम के पूर्व उपमहापौर श्याम बहादुर सिंह, दिनेश सिंह, जिला पंचायत सदस्य पति करुण राना, बीके सिंह, आशीष सिंह, अवधेश कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, जिला पंचायत सदस्य मिथलेश सिंह, वाईडी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जय सिंह आदि ने भी संबोधित किया। कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। संचालन नगर अध्यक्ष अंकुर सिंह ने किया। इस मौके पर मिथिलेश सिंह, महेंद्र सिंह, श्याम सिंह, बीना सिंह, रघुनंदन भदौरिया, नरेंद्र सिंह, प्रतिभा सिंह, अमित महाजन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
उधर चंदनचौकी के प्रताप नारायण स्मारक सरस्वती शिशु मंदिर में महाराणा प्रताप की 476 वीं जयंती थारू समाज ने धूमधाम से मनाई। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय थारू सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। जिसमें खटीमा, बहराईच, बलरामपुर के साथ साथ नेपाल के थारूओं ने प्रतिभाग किया और अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि जयमल राना ने महाराणा प्रताप की मूर्ति पर माल्यार्पण कर की। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु मंदिर राजेश वर्मा ने किया। कार्यक्रम को भाजपा नेता गजेंद्र सिंह, शिवपाल सिंह, प्रबंधक फूल सिंह राणा, कोतवाली प्रभारी मो. तौफीक खां, परियोजना अधिकारी यूके सिंह, प्रधान राम नरेश राना, लीला देवी, सुनीता गुप्ता, अरुण शिखा आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर, एकलव्य माडल स्कूल सोनहा सहित नेपाल से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
गोला गोकर्णनाथ। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप सिंह ने कहा कि किसानों को महाराणा प्रताप के संघर्ष से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। यूनियन कार्यालय पर महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई। इस मौके पर हरिराम भारती, महल सिंह, रामकुमार वर्मा, राकेश कुमार वर्मा, श्रीपाल सिंह चौहान, ब्रजेश सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष जगन्नाथ सिंह भदौरिया ने अपने आवास पर महाराणा प्रताप को क्षत्रिय वंश का पुरोधा बताते हुए उनके चित्र पर फूल मालाएं पहनाईं। इस मौके पर प्रदीप सिंह भदौरिया यशपाल सिंह, अभयप्रताप सिंह, ब्रजकिशोर सिंह, मनोज सिंह आदेश सिंह आदि मौजूद रहे।
महाराणा प्रताप की जयंती पर नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने संकट मोचन श्री हनुमान मंदिर में पौधरोपण किया। इस मौके पर मयंक दीक्षित, संजीव गुप्ता, रामकुमार वर्मा, निर्देश दीक्षित, राजेश वाजपेयी, राकेश कुमारए श्रीराम शुक्ला आदि मौजूद रहे।
मितौली। महाराणा प्रताप की 476वीं जयंती पर एसएम कॉलेज में क्षेत्र के क्षत्रिय समाज के लोगों ने बैठक कर महानायक महाराणा प्रताप के राष्ट्रप्रेम पर विस्तृत चर्चा की। इस मौके पर बलवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, सर्वेश सिंह, एसपी सिंह, राजकुमार सिंह, शिवेंद्र विक्रम सिंह, पुष्पेंद्र पाल सिंह, सुधीर सिंह, जितेंद्र सिंह, कुसुमी, संगम सिंह, लालता सिंह, सुरेश सिंह चौहान, पप्पू सिंह, कचियानी, नीरज सिंह लल्हौआ, अरुण सिंह, कौशल सिंह, आदि मौजूद रहे।
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‘युगों-युगों तक याद किया जाएगा महाराणा प्रताप का शौर्य’
लखीमपुर खीरी। आरएसएस के तत्वावधान में महाराणा प्रताप की जयंती नगर की श्रीराम, सुभाष तथा गणेश शाखा पर मनाई गई। इतिहास संकलन समिति के विभाग प्रमुख राजेश दीक्षित ने महाराणा प्रताप को निर्भीकता, निस्वार्थता, अतुलित शौर्य और अद्वितीय पराक्रम की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप जीवन भर संघर्षों की आग में तपते रहे। वे सामाजिक जीवन में वीरत्व के मानक थे। इस मौके पर पं.दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शेषधर द्विवेदी, हरिप्रकाश तिवारी, लाखन सिंह और राकेश अवस्थी सहित तमाम लोग उपस्थित थे। संचालन ऋषिकांत वर्मा ने किया।