फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीजल के अभाव में एंबुलेंस संचालन पर मंडराया संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। गर्भवती महिलाओं से लेकर दुर्घटना में घायल और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए जिले में दौड़ रहीं 108 एवं 102 एंबुलेंस खड़े होने के कगार पर हैं। फिलहाल अभी तो एंबुलेंस दौड़ रहीं हैं मगर, एकाध दिन में डीजल की धनराशि न मिलने पर इनका खड़ा हो जाना तय है। सूचना के बावजूद जिम्मेदार नहीं खामोश हैं।
विज्ञापन

घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 44, गर्भवती महिलाओं के लिए 102 और गंभीर मरीजों को लखनऊ ले जाने के लिए चार एएलएस एंबुलेंस चल रही हैं। इनमें डीजल डलवाने के लिए चालकों को कार्ड दिए हैं। बताते हैं कि कार्ड में पेमेंट न होने के कारण पेट्रोल पंप मालिकों ने डीजल देने से मना कर दिया है। एंबुलेंसों में जो डीजल है उससे सिर्फ दो चार दिन ही इनका चल पाना संभव है। एंबुलेंस चालकों का कहना है इसके बारे में अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। फिर भी कार्ड में रिचार्ज को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा। हालांकि इसके संबंध में एंबुलेंस चालकों ने डीएम को ज्ञापन देकर डीजल के धनराशि और बकाया सैलरी दिए जाने की मांग की।
गोला गोकर्णनाथ। सीएचसी से तीन 108 और तीन 102 एंबुलेंस हैं। जिनका संचालन हो रहा है। एंबुलेंस चालक कोमल, राजेश, रामभरोसे, एमटी रविंद्र मौर्य, उमेश का कहना है कि डीजल के लिए बजट की कोई समस्या नहीं है। एंबुलेंस सेवा जारी है और भविष्य में भी जारी रहेगी। उधर बांकेगंज सीएचसी की 102 एंबुलेंस के ईएमटी रामाशीष ने बताया कि एंबुलेंस में मंगलवार तक के लिए डीजल है। इसके बाद डीजल न मिलने से सेवा ठप हो सकती है।
विज्ञापन

वहीं पसगवां, उचौलिया एवं मैगलगंज में 108 चार और 102 की तीन एंबुलेंस हैं। चालक राहुल सिंह, राम कैलाश, अनुपम कुमार, जयप्रकाश, अरूण कुमार का कहना है कि सैलरी की मांग को लेकर प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 27 फरवरी से एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं। इससे मरीजों की दिक्कत बढ़ सकती है।
विज्ञापन

डीजल के धनराशि न होने के बाबत जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो एंबुलेंस सेवा के डीपीएम से बात की जाएगी, जिससे समस्या का निराकरण कराया जा सके।
-डॉ. अश्वनी कुमार, एसीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें