एंबुलेंस घोटाला : क्रॉस चेकिंग एंबुलेंस
सेवा प्रदाता कंपनी के लिए बनी मुसीबत
- शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य कर्मचारी कर रहे सत्यापन
- शुरूआती जांच में ही तमाम चौंकाने वाले मिले प्रकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। शासन की ओर से 102 एंबुलेंस से पिछले तीन माह में प्रसव के लिए अस्पताल लाई गई गर्भवतियों और घर छोड़ी गईं प्रसूताओं की क्रॉस चेकिंग सेवा प्रदाता कंपनी के लिए मुसीबत बन गई है। क्रॉस चेकिंग के दौरान तमाम चौंकाने वाले प्रकरण सामने आए हैं। क्रॉस चेक कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार कुछ डाटा फर्जी तो कुछ संदिग्ध मिल रहा है। ऐसे में अब संदिग्ध डाटा का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिससे हकीकत पता चल सके।
मार्च से लेकर मई तक 102 एंबुलेंस से प्रसव के लिए सीएचसी से लेकर महिला अस्पताल लेकर आई गई गर्भवतियों एवं डिलीवरी बाद पुन: एंबुलेंस से घर छोड़ी गईं प्रसूताओं की जांच शुरू चल रही है। शुरूआत में ही तमाम अनियमितताएं खुलकर सामने आ गई।
सीएमओ कार्यालय में दो दिन अलग अलग सीएचसी स्टाफ को बुलाकर प्रदेश से उपलब्ध कराई गईं गर्भवती महिलाओं की सूची पर अंकित नाम, पता, मोबाइल एवं आधार नंबर का मिलान कराया गया। इसमें तमाम गड़बड़ियां मिली हैं। एक ही महिला का एक ही दिन में दो बार प्रसव कराने से लेकर नाम, पते तक फर्जी मिले हैं। जांच टीम का कहना है कुछ तो फर्जी मिले हैं तो कुछ संदिग्ध मिले हैं, जो भी नाम पते मिले हैं उनका भौतिक सत्यापन होगा, जिससे हकीकत सामने आ सके। डिप्टी सीएमओ डॉ. धनीराम का कहना है कि सीएचसी प्रभारियों को भी डाटा उपलब्ध कराकर सत्यापन कराने के लिए कहा गया है। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।