12 से 14 साल तक के बच्चों में 72846 को पहली और 2874 को दूसरी लग चुकी है डोज
लखीमपुर खीरी। पांच से 12 साल तक के बच्चों के कोरोना वैक्सीन लगाने का सरकार ने जो निर्णय लिया है उसको लेकर अभिभावकों में खुशी है। उनका कहना है कि टीकाकरण हो जाने से बच्चों की कोरोना संक्रमण के साथ अन्य बीमारियों से भी सुरक्षा मिलेगी। अभिभावक बताते हैं कि जिले में टीके लगने का आदेश आते ही वह पहले ही दिन बच्चों को बूथ पर ले जाकर वैक्सीन लगवाएंगे।
शासन की ओर से अभी तक 12 से 14, 15 से 17 और 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लग रही थी। 12 से 14 साल तक के बच्चों में 72846 को पहली और 2874 को दूसरी डोज लग चुकी है, जबकि लक्ष्य 170339 है। इसके अलावा 18 साल से अधिक उम्र के अधिकतर सभी लोग पहली और दूसरी डोज लगवा चुके हैं। बुजुर्गों के बूस्टर डोज तक लग चुकी है। हालांकि कोरोना की रफ्तार थमने के बाद स्कूल खुल गए हैं और ऑफ लाइन पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है। मगर, इस बीच कई राज्यों से लेकर एनसीआर शहरों में एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। इसको लेकर एक बार फिर से अभिभावक बच्चों को लेकर चिंतित हैं।
अभिभावक बोले, समय पर ही बच्चों को लगवाएंगे दोनों डोज
केंद्र सरकार के पांच से 12 साल तक के बच्चों का वैक्सीनेशन कराने की मंजूरी दिए जाने से अभिभावकों में खुशी है। उनका कहना है कि अब केवल सुरक्षा चक्र अपनाने से बच्चे ही बचे थे। अब इनका टीकाकरण हो जाने से कोरोना संक्रमण को लेकर जो टेंशन थी वह खत्म हो जाएगी। अभिभावक बताते हैं कि हम तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर टीकाकरण शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। समय पर ही बच्चों को दोनों डोज लगवाकर सुरक्षित करेंगे।
शासन जल्द से जल्द पांच से 12 साल की उम्र के बच्चों का भी वैक्सीनेशन कराना शुरू कर दे, जिससे बच्चों को बूथ पर ले जाकर टीकाकरण कराकर उन्हें सुरक्षा कवच दिलावाकर चिंता मुक्त हो सकें।
- अंजलि शुक्ला, राजगढ़
मेरा बेटा कक्षा आठ का छात्र है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पढ़ाई और कोरोना महामारी को लेकर चिंतित थी। मगर वैक्सीनेशन की मंजूरी मिलने से बेहद खुश हूं। अब सिर्फ टीकाकरण की शुरूआत होने का इंतजार है।
- प्रीति सिंह, आवास विकास
बच्चों में बढ़ते करोना संक्रमण को देखते हुए सरकार के वैक्सीनेशन का निर्णय सराहनीय है। इससे बच्चों में इम्यूनिटी बढ़ेगी और काफी हद तक कोरोना के खतरे से सुरक्षित रहेंगे।
- कुमुद मेहता, मुन्नुगंज गोला
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। पांच से 12 वर्ष तक के बच्चों को वैक्सीन लगवाने का निर्णय प्रशंसनीय है। स्कूल में पढ़ने वाले 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों का वैक्सीनेशन हो चुका है। अभिभावकों को प्रेरित कर पांच से 12 साल तक के बच्चों का भी वैक्सीनेशन कराया जाएगा।
- मधु त्रिपाठी प्रधानाचार्य, विद्या कुंवरि सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज प्राइमरी विभाग
स्कूल खुल गए हैं और बच्चे जाने भी लगे हैं। बच्चे कोरोना प्रोटोकॉल का पालन भी नहीं कर पाते। इसलिए टीकाकरण शुरू होने वाले दिन का इंतजार कर रहे हैं। वैक्सीनेशन होने के बाद कोरोना संक्रमण का डर खत्म हो जाएगा।
- वंदना गुप्ता, गोला