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Lakhimpur Kheri News: एलर्जी और मौसम के बदलाव ने बढ़ाई सूखी खांसी की समस्या

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जिला अस्पताल में मरीज की जांच करते हुए डॉ. शिखर बाजपेई। संवाद
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लखीमपुर खीरी/ओयल। मौसम बदलने के बाद अधिकांश लोग सूखी खांसी के शिकार हो रहे हैं। सूखी खांसी के साथ गले में जलन की समस्या भी बढ़ रही है। यह सूखी खांसी और जलन ठीक होने में 15 दिन या इससे अधिक का समय लग रहा है। बच्चे इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में सूखी खांसी के खूब मरीज पहुंच रहे हैं।
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जिला अस्पताल के जिरियाट्रिक फिजिशियन डॉक्टर शिखर बाजपेई ने बताया कि इन दिनों सूखी खांसी का प्रकोप ज्यादा बढ़ा है। सूखी खांसी एलर्जी होने के साथ ही मौसम बदलने की वजह से बढ़ी है। वहीं दिवाली के बाद पटाखों से होने वाले प्रदूषण की वजह से भी यह समस्या बढ़ रही है। यह खांसी इतनी जटिल है कि इसको ठीक होने में 15 से 20 दिन लग जाते हैं। इस बदले हुए मौसम में वैसे तो यह खांसी सभी को हो रही है, लेकिन इसकी चपेट में बच्चे व बुजुर्ग ज्यादा आ रहे हैं।
बच्चों व बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर सूखी खांसी पकड़ बना लेती है। वहीं कुछ लोगों में बलगम वाली खांसी की समस्या भी देखने को मिल रही है। यह खांसी इन्फेक्शन से होती है, वो जल्दी ठीक हो जाती है।
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इस मौसम में यह रखें ध्यान
डॉ. शिखर बाजपेई ने बताया कि इस बदले मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदूषण से बचें, मास्क लगाकर रखें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, ठंडी चीजों के इस्तेमाल से बचें, खुले में न सोएं, शाम के समय टहलने से बचें, गर्म पेय पदार्थ सूप, चाय आदि लेते रहें।

जिला अस्पताल में 1272 नए मरीज दवा लेने पहुंचे
कई दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को जब जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार को 1272 नए मरीज जिला अस्पताल में दवा लेने पहुंचे। इसमें बुखार, खांसी, एलर्जी आदि विभिन्न प्रकार के मरीज पहुंचे। जिला अस्पताल में सोमवार को भीड़ अधिक होने पर मरीजों को दवा पाने में काफी धक्के खाने पड़े। कई मरीज पर्चा बनवाने और डॉक्टर को दिखवाने तक सीमित रहे। खून की जांच और दवा लेने के लिए उनको अगले दिन ही आना पड़ेगा।

जिला अस्पताल में मरीज की जांच करते हुए डॉ. शिखर बाजपेई। संवाद

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