लखीमपुर खीरी। चेतना प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति (सीएलएफ) के पदाधिकारियों की चयन प्रक्रिया में मनमानी का मामला सामने आया है। सीएलएफ से जुड़ी महिलाओं ने बीएमएम सहित अन्य जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। विभागीय अफसरों ने जांच शुरू करा दी है।
डीएम को भेजी शिकायत में कहा कि बीएमएम ओमप्रकाश, रमन, सुनील, टीआरआई मैनेजर अब्दुल, प्रेरक सावित्री, प्रहलाद, फील्ड कॉडिनेटर सदीप ने गलत तरीके से आम सभा की। पदाधिकारियों के चयन में ईसी सदस्य ही वोट कर सकते हैं, लेकिन यहां तो बिना सदस्य वाली महिलाओं से जबरन हाथ उठवाकर वोट कराए गए। जिनको अध्यक्ष बनाया गया है, वो सरकारी स्कूल में रसोइया हैं। कोषाध्यक्ष पद चयनित दीदी की उम्र 70 वर्ष है, जबकि इसमें पढ़ी-लिखी और कार्य करने में समक्ष का ही चयन करना होता है। कई सीनियर महिलाएं को अनदेखा कर सांठगांठ वालों को चुना गया। आम सभा में डीएमएम को होना चाहिए, लेकिन वे नहीं थे।
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10 सालों तक कैसे रहीं पदाधिकारी
हर दो साल में सीएलएफ पदाधिकारियों के बदलाव होने का नियम है, लेकिन निघासन क्षेत्र के चूराटाढ़ा निवासी कुशुमा देवी 10 सालों से कोषाध्यक्ष है। समूह के द्वारा होने वाली प्रत्येक कार्य सीएलएफ के माध्यम से होते है। इसमें लाखों रुपये का बजट है। जिसमें हेरफेर का भी आरोप लगाया है।
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चेतना प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति का यह मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जितेंद्र मिश्रा, उपायुक्त एनआरएलएम