बैंक कर्मियों ने डीएम से लगाई नकदी दिलाने की गुहार
ग्रामीण/किसानों के रोष को देखते हुए शाखा प्रबंधक भयभीत
ग्रामीण क्षेत्र में करीब सात लाख खाताधारकों से लेनदेन करने वाली इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की 75 शाखाएं 10 दिन से ड्राई हैं। 28 नवंबर 2016 से शाखाओं को करेंसी चेस्ट से नकदी न मिलने से किसान खाताधारकों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे ग्रामीणों और किसानों में बढ़ते रोष को देखते हुए शाखा प्रबंधक त्राहिमाम कर रहे हैं। बुधवार को क्षेत्रीय प्रबंधक एके गुप्ता के नेतृत्व में शाखा प्रबंधकों समेत बैंक कर्मियों ने डीएम को ज्ञापन देकर जल्द समस्या के निस्तारण की मांग की।
इलाहाबाद बैंक द्वारा प्रवर्तित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 75 शाखाएं स्थापित की हैं। डीएम को दिए ज्ञापन में क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया है कि नोटबंदी के बाद से सभी शाखाओं के माध्यम से 210 करोड़ रुपया जमा कराया गया है। इसके सापेक्ष उनकी शाखाओं को महज 30 करोड़ नकदी उपलब्ध कराई गई है। इससे आरबीआई के निर्देशानुसार सात लाख ग्राहकों को दो-दो हजार रुपये भुगतान किया जा सका है। रबी सीजन में बुवाई और गन्ना मूल्य भुगतान के लिए किसानों को नकदी की नितांत जरूरत है। अपना करेंसी चेस्ट न होने के कारण इस बैंक को इलाहाबाद बैंक एवं स्टेट बैंक की करेंसी चेस्ट से नकदी उपलब्ध होती है, लेकिन 28 नवंबर 2016 से करेंसी चेस्ट से नकदी नहीं दी गई है। लिहाजा सुबह से लाइन लगने के बाद रुपये न मिलने से गंभीर हुई स्थितियों से बैंक के शाखा प्रबंधक भयभीत हैं, तो अराजक तत्वों से कानून व्यवस्था का संकट बना हुआ है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने जिला स्तर पर नकदी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए करेंसी चेस्ट से मांग के आधार पर नकदी दिलाने की मांग की है।
डीएम आकाशदीप का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। ज्ञापन में किसानों को भुगतान के लिए पर्याप्त मात्रा में नकदी दिलाने की मांग की गई है, जिसका जल्द निराकरण कराया जाएगा।
इलाहाबाद बैंक की 59 शाखाएं हुईं कैशलेस
लखीमपुर खीरी। जिले की अग्रणी बैंक में शुमार इलाहाबाद बैंक भी नकदी की किल्लत से जूझ रहा है। कुल 60 शाखाओं में से 59 शाखाएं बुधवार को पूरी तरह कैशलेस रहीं, जिससे आम जन और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। सिर्फ मुख्य शाखा में ही लोगों को कैश मिल सका, लेकिन दूसरी शाखाओं के ग्राहकों को मायूस होना पड़ा।
कचहरी रोड स्थित मुख्य शाखा में बुधवार को सुबह से ही भीड़ उमड़ी, जिसमें ज्यादातर नकदी निकालने वाले ग्राहकों की लंबी कतार थी। करेंसी चेस्ट से पिछले तीन दिनों से भुगतान न मिलने से इलाहाबाद बैंक की अन्य 59 शाखाओं में नकदी नहीं पहुंचाई जा सकी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कैश की किल्लत के बीच कुछ व्यापारी अहम भूमिका निभाते हुए छोटे नोट जमा कर राहत देने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्य शाखा प्रबंधक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि संकटा देवी स्थित फर्म हीरालाल हरद्वारी लाल के मालिक अतुल गुप्ता ने बुधवार को 100 और 20 के दो लाख रुपये जमा कराए। एलडीएम एके द्विवेदी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में डिमांड के मुताबिक कैश नहीं पहुंच रहा है, जिससे खाताधारकों के साथ ही शाखा प्रबंधक भी परेशान हैं। बृहस्पतिवार को लखनऊ की करेंसी चेस्ट से नकदी मिल जाएगी, जिसमें 500 के नोट मिलने की उम्मीद है।