लखीमपुर खीरी। किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ता भाकपा माले कार्यालय से जुलूस निकाल कर लोहिया भवन सपा कार्यालय पहुंचे। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सांसद उत्कर्ष वर्मा को ज्ञापन सौंपा।
किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड रामदरश ने कहा सरकार को यह समझना चाहिए कि सत्तारूढ़ गठबंधन को पांच राज्यों में 38 ग्रामीण लोकसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है, जहां किसान आंदोलन मजबूत था। यह लंबे समय से चले आ रहे कृषि संकट का परिणाम है। भविष्य में कृषि नीतियों में बड़े बदलाव की आवश्यकता है।
कॉमरेड कमलेश राय ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांग जैसे गांरटी कृषि एमएसपी के साथ खरीद, व्यापक कर्ज माफी, बिजली के निजीकरण को निरस्त करना आदि शामिल है। लखीमपुर में लगातार बाढ़ और नदी कटान से किसान व मजदूर त्रस्त हैं। भाजपा बिना मुआवजा डूब क्षेत्र बनाकर किसानों की जमीन छीन रही है।
इसको लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी है। सांसद ने कहा कि हम किसानों के आंदोलन के साथ है। इन मुद्दों को संसद में उठाएंगे। इस दौरान भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड कृष्णा अधिकारी, सपा जिलाध्यक्ष रामपाल यादव, पूर्व सपा एमएलसी शशांक यादव, रामकिसन, अनीता निसाद, माधुरी मौर्या आदि मौजूद रहे।
तराई किसान संगठन ने सौंपा सांसद को ज्ञापन
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तराई किसान संगठन के पदाधिकारियों ने भी सांसद उत्कर्ष वर्मा को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह चहल की अगुवाई में सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि किसानों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। लोग बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। तीव्र कृषि संकट, किसानों की आत्महत्या, ग्रामीण से शहरी पलायन आदि समस्याओं के समाधान को नीतियों में बदलाव आवश्यक है।