दुधवा में पेड़ की डाल पर बैठा उल्लू। स्त्रोत-वन विभाग।
बांकेगंज। दिवाली पर उल्लू के शिकार की आशंका के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी कर दिया गया है। दिवाली के मौके पर तांत्रिक क्रियाओं में कुछ अंधविश्वासी लोग उल्लू की बलि चढ़ाते हैं।
इसकी वजह से दिवाली के पहले उल्लुओं के शिकार की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस बार टाइगर रिजर्व प्रशासन सतर्क होकर निगरानी में जुट गया है। महालक्ष्मी का वाहन माने जाने वाले उल्लू का महत्व दिवाली के पहले बढ़ जाता है। कुछ अंधविश्वासी लोग दिवाली के दिन उल्लू की बलि चढ़ाते हैं। इस दौरान उल्लुओं की कीमत भी अचानक बढ़ जाती है।
पक्षियों का शिकार करने में माहिर शिकारी जंगल और आसपास के इलाके में उल्लू पकड़कर महंगे दामों में बेचते हैं। इसे देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने एक सप्ताह पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों से सटी आबादी क्षेत्र में शिकार रोकने के लिए वन विभाग की कई टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं। उल्लुओं का शिकार करते पकड़े जाने पर संबंधित के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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दिवाली के समय उल्लुओं के शिकार की आशंका के चलते पूरे दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन विभाग की टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए मुस्तैद हैं।
- ललित कुमार वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व