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किसान विरोधी हैं अखिलेश : मोदी

Mon, 13 Feb 2017 11:20 PM IST
विकास शुक्ला लखीमपुर खीरी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
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कहा, भाजपा सरकार बनते ही छोटे किसानों की कर्जमाफी मेरी जिम्मेदारी
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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस, सपा और बसपा के राज को पूरी तरह खारिज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को यहां तक कह दिया कि इन्हें तो चुनाव की इस परीक्षा में बैठने का भी हक नहीं है। किसान बहुल जिले में मोदी ने अपना किसान एजेंडा विस्तार से सामने रखा। सरकार की विफलताओं को तफ्सील से गिनाया और भाजपा के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कहा कि जीतने के बाद छोटे किसानों के ऋण माफ करने के वादे को पूरा करने की वह खुद जिम्मेदारी ले रहे हैं। अखिलेश सरकार को उन्होंने सीधे-सीधे किसान विरोधी करार दिया।
यहां राजकीय इंटर कालेज ग्राउंड में आठों विधानसभा सीटों के भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में हुई जनसभा में करीब एक घंटे के भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सिर्फ दो कुनबे बचे थे। बाकी तो भाजपा ने साफ कर दिया था। इन्होंने बाकी आम लोगों को नहीं बचाया सिर्फ अपने कुनबों को बचाया। इनके लिए खतरे की घंटी तभी बज गई थी। अखिलेश चाहते तो इन दो सालों में अच्छे काम कर अपनी छवि सुधार सकते थे। उन्होंने ऐसे लोगों के साथ गठबंधन किया जिनका लोहिया जीवन भर विरोध करते रहे। इनके गुण एक जैसे हैं और अवगुण भी एक जैसे हैं। गठबंधन से किसी के पाप धुलने वाले नहीं हैं। मतदान के बीच तीसरा घोषणापत्र जारी करने से भी कुछ नहीं होने वाला।
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किसानों के मसले पर कहा कि भाजपा शासित प्रदेशों में 50 से 60 प्रतिशत किसानों का फसल बीमा हुआ लेकिन उत्तर प्रदेश में सिर्फ 14 फीसदी का। यह लाभ लेने वाले भी खास जाति के लोग हैं। जातिवाद के चक्कर में इन्होंने आम किसानों को लाभ से वंचित किया है। मायावती ने दो साल में 23 तो अखिलेश ने तीन गांवों की विद्युतीकरण कराया जबकि केंद्र सरकार ने इतने ही समय में 1364 गावों को रोशन किया। गन्ने के बकाया भुगतान का जिक्र करते हुए पीएम ने पूछा कि अखिलेश क्यों नहीं कराते। साथ ही वादा भी किया कि भाजपा सरकार बनते ही दो हफ्ते में पूरा भुगतान करा देंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि चीनी मिल बेचने पर अखिलेश ने मायावती का घोटाला बताकर जांच की घोषणा की थी। बताएं कि इस घोटाले को दबाने के बदले उन्हें क्या मिला?
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भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री बोले, एक आईएएस ने कहा कि डीएम की पोस्टिंग के लिए 70 लाख रुपये मांगते हैं। आईपीएस ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए तो फोन पर धमकाया और खनन पर आपत्ति की तो सस्पेंड कर दिया। मेदांता अस्पताल और लखनऊ मेट्रो का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ उद्घाटन करने से कुछ नहीं होता, काम करना पड़ता है। प्रदेश में अपराधों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां जेलों से गैंग चल रहे हैं, भाजपा की सरकार बनने के छह महीने के अंदर इन्हें जेल में न डाल दूं तो मुझसे कहना।  
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