वामपंथी दलों के असहिष्णुता के खिलाफ एक से छह दिसंबर तक चले अभियान का रविवार को समापन हो गया। इस मौके पर वामपंथी दलों ने संयुक्त रूप से धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। लखीमपुर में यह धरना प्रदर्शन विलोबी मेमोरियल हाल के मैदान में हुआ। इसमें कहा गया पूरे देश में असहिष्णुता और अराजकता का माहौल बन गया है जो देश की एकता और अखंडता के लिए घातक है।
धरने को संबोधित करते हुए भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि आज पूरे देश में असहिष्णुता का माहौल बना दिया गया है। प्रखर कन्नड़ लेखक कुलकर्णी और वामपंथी नेता, बुद्विजीवी पानसरे की हत्या कर दी गई। प्रगतिशील लेखक कलाकारों की अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोटा जा रहा है। अल्पसंख्यकों की हत्या की जा रही हैै। पूरे देश में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। कृष्णा अधिकारी ने कहा कि वामपंथी ताकतें मिलकर इस हमले का मुहंतोड़ जवाब देंगी।
धरने को सीपीएम ने वरिष्ठ नेता बालेश्वर यादव ने कहा कि हिटलरशाही हिंदुस्तान में नहीं चलने वाली है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सांप्रदायिक साजिश रच रहे हैं। भारत की धर्म निरपेक्ष जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। किसान नेता कमलेश राय ने कहा कि भाजपा सांप्रदायिकता की आड़ में किसानों की समस्याओं पर पर्दा डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि कि मोहन भागवत का बयान दरअसल उत्तर प्रदेश की चुनावी तैयारी है। उत्तर प्रदेश को सांप्रदायिकता की आग में झोंक कर भाजपा चुनाव जीतने की तैयारी में है।
धरने को जिला कमेटी सदस्य राजेंद्र वर्मा बिकाऊ, जीपी राम, बीडी सिंह, विनोद रस्तोगी आदि ने संबोधित किया। संचालन श्रीनाथ ने किया।