हजारों करोड़ की अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले यादव सिंह की गिरफ्तारी समेत कई मांगों को लेकर भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति की अगुवाई में कई संगठनों ने संयुक्त रूप से एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। इन संगठनों ने मांग की कि प्रदेश में प्रभावी लोकपाल की नियुक्ति की जाए। भ्रष्ट अधिकारियों के अभियोजन की तत्काल अनुमति प्रदान की जाए।
भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति की अगुवाई में उत्तर प्रदेश अधिवक्ता संघ, जिला अधिवक्ता संघ, व्यापार मंडल, अधिवक्ता लिपिक संघ, वैश्य एकता परिषद और खत्री सभा आदि संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए। ज्ञापन देने से पहले आंदोलन के संयोजक और बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ल ने चेतावनी दी कि भ्रष्ट अधिकारियों के शोषण से प्रदेश और जिले की जनता अब ऊब चुकी हैं अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभा के बाद सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक संक्षिप्त जुलूस निकाला और अपनी मांगों के संबंध में अतिरिक्त उप जिला मजिस्ट्रेट ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अन्य मांगों के अलावा किसानों का शोषण रोके जाने, मानक के अनुसार सड़कों का निर्माण सुनिश्चित किए जाने, निर्माण में घपला करने के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांगें भी शामिल हैं।
ज्ञापन देने वाले लोगों में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बलस्टर सिंह चौहान, महामंत्री रमाकांत दीक्षित, भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति के प्रांतीय महासचिव धर्मेंद्र सिंह सूर्यवंशी, अधिवक्ता संघ उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष बाबूराम राजवंशी, महामंत्री हिमांशु तिवारी, संघर्ष समिति के जिला महामंत्री अरुण पांडेय, गोपाल जी कश्यप, राहुल मिश्र, मशकूर अली राजा, राजकुमार त्रिवेदी, वैश्य एकता परिषद के सयांजक दिलीप गुप्ता, महेश पुरी, रामजी पुरी, श्याम जी द्विवेदी आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।