मझगईं के त्रिलोकपुर खाद गोदाम में लगी भीड़। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में खाद के लिए मारा-मारी कम नहीं हो रही। पहले समितियों पर खाद न होने से किसान काफी परेशान रहे। अब समितियों पर खाद है, लेकिन किसानों को जरूरत के अनुसार नहीं मिल पा रही। घंटों लाइन में लगने के बाद किसानों को मात्र एक ही बोरी यूरिया दी जा रही, जबकि किसानों को इससे कहीं अधिक खाद की जरूरत है।
सभी समितियों पर मात्र 500 से 600 यूरिया की बोरी हैं, जो दो दिन में ही खत्म हो जाएगी। खाद खत्म होते ही फिर से किल्लत शुरू हो जाएगी। इधर, विभागीय अफसरों का दावा है कि खाद पर्याप्त है और लगातार आ रही है।
खमरिया। चार सप्ताह बाद खमरिया समिति पर बुधवार दोपहर 600 बोरी यूरिया पहुंची। यूरिया वितरण शुरू होते ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन किसानों को जरूरत के अनुसार खाद नहीं दी गई। पूरे दिन लाइन में लगने के बाद प्रत्येक किसान को एक बोरी ही दी गई।
बरबर। काफी दिन बाद बरबर समिति पर मंगलवार को यूरिया खाद पहुंची, लेकिन उसका वितरण बुधवार को नहीं हो सका। समिति सचिव राहुल सिंह ने बताया कि संदेश न आने के कारण वितरण नहीं हो पा रहा। वहीं चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की पत्नी लखनऊ में भर्ती होने की वजह से खाद वितरण में समस्या है।
मझगईं।
साधन सहकारी समिति तिलोकपुर पर खाद पाने के लिए सुबह सात बजे ही किसानों की लंबी लाइन लग गई थी, लेकिन वितरण 10 बजे के बाद भी नहीं हो सका। ऐसे में किसान काफी परेशान नजर आए। काफी हंगामा के बाद वितरण शुरू हो सका। किसानों को मात्र एक-एक बोरी खाद दी गई।
अछनिया समिति से 300 किसान मायूस लौटे
बेहजम। साधन सहकारी समिति अछनिया में सुबह से ही 500 से अधिक किसानों की भीड़ उमड़ी पड़ी। सचिव ने पुलिस फोर्स बुला लिया और टोकन व्यवस्था के तहत खाद का वितरण कराया गया। अछनिया समिति से बुधवार को 150 टोकन बांटे गए, जबकि खाद लेने 500 से अधिक किसान पहुंचे थे। ऐसे में 300 से अधिक किसानों को खाद नहीं मिल सकी। एक आधार कार्ड पर मात्र एक बोरी यूरिया दी गई, जबकि कई बड़े किसान थे, उनको ज्यादा यूरिया की जरूरत थी, लेकिन मिली नहीं। एडीओ राम पारस प्रजापति ने बताया कि अछनिया समिति पर 600 बोरी यूरिया आई, जिसमें 150 लोगों के टोकन काटकर खाद का वितरण किया गया। संवाद
एक आधार कार्ड पर एक बोरी, कैसे चले काम
मितौली। कई दिनों के बाद साधन सहकारी समिति मितौली पर खाद पहुंची। खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ी तो पुलिस बुलानी पड़ गई। पुलिस की मौजूदगी में लाइन लगाकर खाद का वितरण कराया गया। एक आधार कार्ड पर मात्र एक बोरी यूरिया किसानों को दी गई, जबकि किसानों को इससे कहीं अधिक यूरिया की जरूरत है। ऐसे में किसान अपने-अपने परिवार के अन्य सदस्यों को लाइन में खड़ा करना पड़ा। यूरिया पाने के लिए किसान काफी परेशान हैं। सचिव अर्चना ने बताया कि 600 बोरी यूरिया है, जिसका वितरण कराया जा रहा। संवाद
खाद न मिलने पर हंगामा
मझगईं। नौगवां के त्रिलोकपुर किसान सेवा सहकारी समिति में खाद लेने के लिए पहुंचे किसानों को बुधवार को भी मायूसी हाथ लगी और वह बिना खाद लिए ही बैरंग वापस होने पर विवश हुए। किसानों की भीड़ देखकर पुलिस को भी बुलाना पड़ गया।
त्रिलोकपुर किसान सेवा सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए एक माह से किसानों को भटकना पड़ रहा है। सोमवार शाम खाद आने के बाद मंगलवार को किसानों को बुलाया गया था, लेकिन बुधवार को भी किसानों को खाद नहीं मिल सकी। भारी भीड़ व खाद न मिलने पर हुए हंगामे के बाद पुलिस को बुलाना पड़ गया, लेकिन फिर भी खाद नहीं मिली।
किसानों का कहना है कि एक माह से कर्मचारी रोजाना आजकल कर रहे हैं, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। सचिव राजेश कुमार ने बताया कि भीड़ अधिक होने के चलते पुलिस को बुलाना पड़ा अब टोकन के आधार पर खाद का वितरण किया जाएगा। संवाद
मझगईं के त्रिलोकपुर खाद गोदाम में लगी भीड़। संवाद
मझगईं के त्रिलोकपुर खाद गोदाम में लगी भीड़। संवाद