अधिकारी और कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में हुए व्यस्त
विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा होने से पहले तक विकास भवन में रौनक थी। आचार संहिता के लागू होते ही ग्राम पंचायत से लेकर संसदीय क्षेत्र तक में विकास योजनाओं के लिए लगने वाली दौड़ बंद हो गई है। फरियादी भी इस बात को बखूबी समझ रहे हैं, जिससे उनका आना भी लगभग बंद सा हो गया है।
विकास भवन में करीब दो दर्जन से अधिक विभागों के कार्यालय स्थित हैं। खासकर समाज कल्याण, विकलांग कल्याण विभाग, पिछड़ा कल्याण वर्ग, कृषि, सहकारिता, पंचायत राज विभाग ऐसे विभाग हैं, जहां आम दिनों में सैकड़ों फरियादियों की भीड़ उमड़ती थी। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक काफी व्यस्त रहते थे, लेकिन आचार संहिता लगते ही विकास भवन में सन्नाटा पसर गया है। गांव-देहात से आने वाले फरियादियों की संख्या एकाएक नगण्य हो गई है। इससे अधिकारियों के अलावा कर्मचारी राहत महसूस कर रहे हैं, क्योंकि योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन के समय सीमा की बाध्यता से मुक्ति मिल गई है। जिला प्रशासन चुनाव की तैयारियों में जुटा है, जिससे कई अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव कार्यालय में लग गई है। शेष कर्मचारियों की जल्द ही चुनाव में ड्यूटी लग सकती है। सीडीओ अमित सिंह बंसल कहते हैं कि नए विकास कार्यों के प्रस्तावों पर रोक लग गई है। पूर्व से चली आ रही पेंशन जैसी योजनाओं का लाभार्थियों को लाभ मिलता रहेगा। चुनाव के चलते गांवों से आने वाले फरियादियों की संख्या कम हुई है।