लखीमपुर खीरी। जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता शिव सहाय सिंह के घर में घुसकर डकैती करने के 32 साल पुराने मामले में एडीजे सुभाष सिंह ने एक लुटेरे को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी ने बताया 21 मई 1992 को 10:30 सुबह जब वकील शिव सहाय सिंह कचहरी पहुंच गए थे। तभी कचहरी के निकट ही बनी टोजा कॉलोनी स्थित उनके निवास पर एक व्यक्ति यह कह कर पहुंच गया कि वकील साहब कचहरी में नहीं है। उसकी पेशी लगी है। यह पर्चा वकील साहब को दे देना।
इसके बाद उसने पानी मांगा। वकील की बेटी ने जैसे ही पानी देने के लिए दरवाजा खोला, पांच-छह बदमाश घर में घुस गए। तमंचे और चाकू लहराते अधिवक्ता की पुत्री, पत्नी और परिजनों मारपीट करते हुए रसोई में बंद कर दिया था। इसके बाद लूटपाट करते हुए 3200 नकद, जेवरात सहित वीसीआर और कीमती सामान लूट ले गए।
इस मामले में जेल में बंद किए गए बदमाशों की शिनाख्त परेड भी कराई गई थी। जिसमें पीलीभीत निवासी बदमाश विजय पांडे, मुन्ना रस्तोगी सहित कई बदमाश पकड़े गए थे, जिनकी फाइलें सुनवाई में चल रही थी। बदमाश विजय पांडे फरार हो गया था। जिसके चलते उसकी पत्रावली अलग की गई थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद सुनवाई शुरू हुई तो बृहस्पतिवार को उसे दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।