लखीमपुर खीरी। मत्स्य पालन को नई दिशा देने के लिए तालाबों में एयरेशन सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए पालकों को सिस्टम खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये है। अनुदान मिलने के बाद पालकों को करीब 25 हजार रुपये देने होंगे।
सिस्टम का मुख्य कार्य तालाबों के पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाना होता है। यह न केवल मछलियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि पानी के पोटेंशियल ऑफ हाइड्रोजन (पीएच) और अन्य महत्वपूर्ण मापदंडों को भी संतुलित रखता है। इन पर्यावरणीय अनुकूलताओं के कारण मछलियों का विकास तेजी से होता है और कम समय में अधिक उत्पादन प्राप्त होता है।
वर्तमान में जिले में सात सौ जलाशयों में मत्स्य पालन का कार्य किया जाता है। सर्दी और गर्मी के मौसम में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव के कारण अक्सर पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे मछलियों की मृत्यु दर बढ़ जाती है। मत्स्य पालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। एयरेशन सिस्टम इस समस्या का प्रभावी समाधान प्रदान करेगा।
सहायक मत्स्य अधिकारी निखिल त्रिपाठी ने बताया कि जिले में छह एयरेशन सिस्टम लगाने का लक्ष्य है। मत्स्य पालक वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। यह प्रणाली न केवल उत्पादन बढ़ाती है, बल्कि मत्स्य पालन को अधिक टिकाऊ और लाभदायक व्यवसाय बनाने में भी सहायक है।