मितौली। तहसील में शुक्रवार को लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण में देरी से नाराज अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने तहसील परिसर में एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रभारी तहसीलदार के आश्वासन पर मामला शांत हो गया।
तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सत्यप्रकाश मिश्र ने बताया कि एसडीएम न्यायालय में धारा 38(1) और तहसीलदार न्यायालय में धारा 34 के कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। कई बार मांग उठाने के बावजूद नियमित सुनवाई और समय पर निस्तारण नहीं हो रहा है, जिससे अधिवक्ताओं में नाराजगी है।
शुक्रवार को एक मामले में अंश निर्धारण संबंधी लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट को कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा कथित रूप से गलत तरीके से निरस्त किए जाने का मामला सामने आया। अधिवक्ताओं ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन तहसीलदार के बुलाने के बावजूद संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर मौके पर नहीं पहुंचा। इससे अधिवक्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया।
अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए एसडीएम मधुसूदन गुप्ता और तहसीलदार दिनेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रभारी तहसीलदार दिनेश कुमार ने वार्ता कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।