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राहत के पैकेज में शामिल होंगे दो हजार वकीलों के नाम

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लखीमपुर खीरी। हाईकोर्ट के निर्देश पर सूबे के कानून मंत्री की महाधिवक्ता और यूपी बार काउंसिंल के चेयरमैन के साथ हुई वार्ता के बाद तीन साल रजिस्ट्रेशन पूरा करने वाले वकीलों को सहायता राशि मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे जिले के करीब दो हजार वकील लाभान्वित होंगे। जिला अधिवक्ता संघ के अनुसार अब तक 1103 जरूरतमंदों के नाम भेजे जा चुके हैं। नई सूची में अब तहसील स्तर के अधिवक्ताओं को भी शामिल किया जाएगा। वकीलों ने निर्णय की सराहना की है।
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लॉकडाउन के चलते कचहरी में सूने पड़े हैं वकीलों के बस्ते
कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन का असर कचहरी में भी देखने को मिल रहा है। करीब एक माह से वकीलों के बस्ते सूने पड़े हैं। यहां न तो कोई वकील आ रहा है और न ही कोई कोर्ट खुल रही है। ऐसे में कई वकीलों को आर्थिक संकट का सामना भी करना पड़ रहा है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष के अनुसार प्रतिदिन एक वकील औसतन आय करीब दो हजार रुपये होती है इससे सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि एक माह में प्रति वकील 50 से 60 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।
‘दिक्कत को लेकर उठाई थी आवाज’
दूसरे के साथ अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले वकीलों के साथ वह सदैव खड़े हैं, लॉकडाउन में वकीलों की दिक्कत को देखते हुए उन्होंने आवाज उठाई थी, इस पर बार कॉउंसिल ने पहले ही काम शुरू कर दिया था, अब ट्रस्टी कमेटी भी वकीलों की मदद को आगे आएगी, यह अच्छी पहल है।
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-अजय शुक्ल, सदस्य/पूर्व चेयरमैन, यूपी बार कॉउंसिल
‘सहायता राशि देने का निर्णय अच्छी पहल’
लॉकडाउन के चलते कचहरी पूरी तरह ठप है। एक वकील को औसतन दो हजार रुपये प्रतिदिन आमदनी हो जाती थी लेकिन एक माह से वह भी बंद है। हालांकि प्रस्तावित सहायता राशि काफी कम है, फिर भी अच्छी पहल है। जरूरत इस बात की है कि वकीलों के बच्चों की तीन महीने की फीस भी माफ हो। जिले भर में करीब दो हजार वकीलों के लाभांवित होने की संभावना है।
-घनश्याम अग्निहोत्री, अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ लखीमपुर खीरी
‘भेजे जा चुके हैं 1103 वकीलों के फार्म’
विधि व्यवसाय इस समय बिल्कुल ठप चल रहा है, ऐसे में बुजुर्ग, बीमार और जरूरतमंद वकीलों की दिक्तत को देख, उन्होंने स्वयं संपर्क करते हुए जरूरतमंद वकीलों के फार्म भरवाये हैं अब तक 1103 जरूरतमंद वकीलों की सहायता के लिए अनुशंसा की जा चुकी है। साथ ही जरूरतमंद 272 अधिवक्ता लिपिकों को एक-एक हजार रुपये की सहायता दिलाने के लिए डीएम को सूची भेजी जा चुकी है।
-विजय प्रताप सिंह, महामंत्री जिला अधिवक्ता संघ, लखीमपुर खीरी
‘निर्णय स्वागत योग्य’
हाईकोर्ट ने जिस तरह बार कॉउंसिल और ट्रस्टी कमेटी के बीच सामंजस्य बिठाते हुए जरूरतमंद वकीलों की सहायता के लिए स्वत: संज्ञान लेकर दिशा निर्देश दिए हैं वह सराहनीय है।
-राकेश शुक्ल, पूर्व अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ
‘प्रयासों को मिली सफलता’
बार कॉउंसिल को पत्र लिखकर साथी वकीलों की समस्या से अवगत कराया था जिसका संज्ञान लिया गया इसकी उन्हें खुशी है, अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद है कि सरकार और ट्रस्टी कमेटी अधिवक्ताओं की मृत्यु के लगभग 500 दावे भी शीघ्र ही मंजूर करेगी।
अजय पांडे, अधिवक्ता, संयोजक मानवाधिकार सुरक्षा समिति
जरूरतमंद वकीलों ने ही किया आवेदन
जिला अधिवक्ता संघ में लगभग दो हजार वकील है लेकिन बार कॉउंसिल ने जब जरूरतमंद, बीमार और युवा बुजुर्ग वकीलों को सहायता देने की बात कही तो केवल 1246 वकीलों ने ही आवेदन दिया जिसमें सीओपी और बिना सदस्यता वाले 143 वकील जो पात्रता नियमावली में नहीं थे, उनके नाम अलग कर 1103 वकीलों के फार्म भेजे गए हैं।
जिला अधिवक्ता संघ अजीवन सदस्य- 172, सामान्य सदस्य-1759, प्रोविजनल सदस्य-83, सहायता के लिए प्राप्त आवेदन-1246, वैध पात्रता के अग्रसारित फार्म-1103
तहसीलों का हाल
धौरहरा अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया करीब 120 वकील है जिनमें ज्यादातर वकील जिला अधिवक्ता संघ से जुडे़ हैं करीब 50 वकीलों को जिला अधिवक्ता संघ की सदस्यता नहीं मिली है।
पलिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अफसर अली ने बताया कि बार में 140 वकील है जिनमें 120 वकील करीब पात्रता की श्रेणी में है इनमें 28 वकील जिला अधिवक्ता संघ से भी जुडे़ हैं, निघासन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मेजर सिंह ने बताया कि कुल 100 सदस्य है जिनमें 42 सदस्य जिला अधिवक्ता संघ से भी जुडे़ हैं। मितौली में करीब 200 वकील हैं तो गोला तहसील में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लाल बिहारी वर्मा ने बताया कि कुल 245 वकील पंजीकृत है इसमें पात्र करीब 220 वकील ही हैं।
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