पसगवां ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय मड़वा में पहले दिन ही दूध और कोफ्ता बच्चों को भारी पड़ गया। दूध पीने से 18 बच्चों के साथ तीन रसोइए बीमार हो गए। बच्चों को स्थानीय सीएचसी और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. महेंद्र पाल ने फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताते हुए खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजने की बात कही है। बताया जा रहा है कि स्कूल में दूध खेरिया गांव से मंगवाया गया था। मामले में बीएसए डॉ. ओपी राय ने हेडमास्टर दृगवेंद्र सिंह यादव, सहायक अध्यापक शिवकुमार और गरिमा भारती को सस्पेंड करते हुए तीनों रसोइयों को हटाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच मितौली के खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी है। इस बीच खंड शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद्रा ने माना कि शिक्षकों ने दूध वितरण में लापरवाही की है।
प्राथमिक विद्यालय मड़वा में बुधवार को 48 बच्चे आए थे, जिन्हें कोफ्ता-चावल और दूध पीने को दिया गया। छुट्टी के बाद बच्चे जब घर पहुंचे तो उन्हें उल्टी होने लगीं। परिवार वालों ने बच्चों को पसगवां सीएचसी में भर्ती कराया। स्कूल में तैनात रसोइया वेदवती, रामवती और जयकरन की भी दूध पीने से हालत खराब हो गई। वेदवती तो बेहोश हो गईं। बीमार बच्चों में अमन, पवन, शशि और आदित्य का सीएचसी में इलाज कराया जा रहा है, जबकि जितिन और मोहित का सुखवसा के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। शशांक गौतम, सुभी, नैंसी, मानव, उमा, अमित, धर्मवीर, साक्षी, कुसुमलता, रोशनी, चंादनी और लवली को पेट दर्द आदि की शिकायत के चलते डॉक्टर को दिखाया गया। इन्हें अस्पताल में दवाई देकर घर भेज दिया गया है।