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किसान आंदोलन को लेकर प्रशासन अलर्ट, क्षेत्रों का दौरा कर रहे अधिकारी

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लखीमपुर खीरी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की घटनाओं से सबक लेते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। मंगलवार को जिले में सपाइयों के कई जगहों पर प्रदर्शन करने के बाद बुधवार को सतर्कता बरतते हुए जिले के आला अधिकारी क्षेत्रों की खाक छानते रहे।
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डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि किसानों के आंदोलन को देखते हुए जिले में अलर्ट जारी है। सभी क्षेत्रों को सेक्टर में बांटा गया है। हर तरीके से पुलिस और प्रशासन मुस्तैद है। डीएम ने बताया कि जिन क्षेत्रों में किसान संगठनों का अच्छा प्रभाव है उन स्थानों पर वह खुद मय फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कहीं कोई अप्रिय स्थिति देखने को नहीं मिली है। किसानों से बातचीत में भी उनका सकारात्मक रुख नजर आया है। डीएम और एसपी समेत आला अफसरों ने पलिया, निघासन, तिकुनिया आदि क्षेत्रों का दौरा किया।
किसानों ने की दिल्ली में हुई घटना की निंदा
बेलरायां। चीन मिल पहुंचकर डीएम और एसपी ने किसानों से वार्ता कर किसी के बहकावे में न आने की अपील की। इस दौरान वार्ता में मौजूद किसानों ने दिल्ली में हुई घटना की निंदा की। इस मौके पर एसडीएम ओपी गुप्ता समेत चीनी मिल के जीएम सुशील कुमार गौड़, मुख्य गन्ना अधिकारी एसके श्रीवास, किसान परमजीत सिंह पम्मी, प्रगट सिंह, जोगेंद्र सिंह, जसवंत सिंह सहित कई किसान और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
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दिल्ली से वापस आने लगे किसान
बिजुआ। दिल्ली किसान आंदोलन में शामिल होने पहुंचे किसान बुधवार शाम तक वापस लौटने लगे। भीरा-लखीमपुर स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से वापस आते किसान दिखे। हालांकि वापस अपने घरों को जा रहे किसान मीडिया से बात करने से गुरेज करते रहे, लेकिन इतना जरूर कहा कि उनके आंदोलन को खत्म करने के लिए साजिशें हुई हैं।
किसानों के समर्थन में सपा ने निकाली ट्रैक्टर रैली, पूर्व विधायक गिरफ्ता
मितौली। कृषि क़ानूनों के विरोध में मंगलवार को सपा कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस-प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक हुई। पूर्व विधायक सुनील लाला ने कस्बा स्थित अपने आवास से ट्रैक्टरों के काफिले के साथ रैली निकाली। लेकिन रैली को अस्पताल रोड पर रोक दिया गया। पूर्व विधायक पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़े तो उनके साथ 24 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में सभी को एसडीएम कोर्ट से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
रैली को रोकने के लिए पुलिस ने सरकारी गाड़ी व डायल 112 की गाड़ी खड़ी कर रास्ते को पहले ही ब्लॉक कर दिया। इस दौरान खुद ट्रैक्टर चला रहे पूर्व विधायक ने प्रशासन की इस घेराबंदी पर नाराजगी जताई। इस बीच एसडीएम दिग्विजय सिंह, सीओ शीतांशु कुमार भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाया। सीओ और एसडीएम के समझाने पर पूर्व विधायक व उनके समर्थक ट्रैक्टर मौके पर छोड़कर पैदल ही आगे बढ़ गए। कुछ दूर चलने के बाद पुलिस सपा कार्यकर्ताओं के साथ उन्हें गिरफ्तार कर लिया। करीब दो घंटे के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक सहित 24 कार्यकर्ताओं को एसडीएम कोर्ट भेजा, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
मैगलगंज। कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च लेकर मोहम्मदी पहुंचे सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष क्रांति सिंह को ट्रैक्टर रैली निकालने से रोक दिया गया। उन्हें पैदल मार्च की इजाजत दी गई। बाद में सभी ने पैदल ही जाकर मोहम्मदी के अंबेडकर पार्क में झंडारोहण किया।
बरबर। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने औरंगाबाद मोहम्मदी बरबर मार्ग पर तिरंगा यात्रा निकाली। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक भी हुई। किसानों का आरोप है कि तिरंगा यात्रा रोक पाने में असफल पुलिस ने कुछ वाहनों के चालान किए। एसडीएम स्वाति शुक्ला व तहसीलदार विकास धर दुबे ने तिरंगा यात्रा रोकने का अथक प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने।
जमीन पर बैठ गए नाराज किसान और कार्यकर्ता
महेवागंज। कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को सपा कार्यकर्ताओं व किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली, जिसकी भनक लगते ही मौके पर एसडीएम सदर अरुण कुमार, सीओ सिटी अरविंद वर्मा, सदर तहसीलदार उमाकांत त्रिपाठी व शहर कोतवाल अपने भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए और उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इसी बीच शहर कोतवाल की किसी बात से सपा कार्यकर्ता और किसान भड़क गए। नाराज किसान व कार्यकर्ता टेडूही के पास जमीन पर बैठ गए। वाहनों को आड़े तिरछे खड़े कर चक्का जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। शारदानगर-फूलबेहड़ मार्ग पर लंबा जाम लग गया। इससे पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। किसानों का गुस्सा देख सीओ सिटी अरविंद वर्मा के कहने पर शहर कोतवाल ने किसानों से माफी मांगी, तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ और किसान लौट गए।
रोक के बावजूद सपाइयों ने निकाली रैली
निघासन। पुलिस प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था के बावजूद सपाइयों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। रकेहटी में युवा सपा नेता हिमांशु पटेल, रमियाबेहड़ में धनीराम मौर्य, झंडी में पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने रैली निकालकर भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली को जब पुलिस ने रोक लिया तब सपाई वहीं पर सड़क पर धरने पर बैठ गए और जमकर हंगामा काटा। इस दौरान पुलिस और सपाइयों में नोकझोंक भी हुई।
किसानों के समर्थन में निकाली रैली, पलिया से पहले पुलिस ने रोका
पलियाकलां। दिल्ली में किसान आंदोलन का हिस्सा बनकर लौटे पूर्व दिवंगत विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा के पुत्र संजीव कुमार मिश्र ने भारी संख्या में लोगों के साथ त्रिकोलिया से साइकिल रैली निकाली। पहले यह साइकिल रैली पलिया तक आने वाली थी लेकिन संपूर्णानगर रोड पर गुदरिया बाबा के पास ही भारी पुलिस बल के साथ मौजूद इंस्पेक्टर व तहसीलदार ने रैली को रोक लिया। यहां काफी देर मान-मनौव्वल के बाद रैली को वापस किया गया। सभा भी यहां संबोधित की गई।
किसान महासभा ने पलिया में निकाला जुलूस
पलियाकलां। अखिल भारतीय किसान महासभा ने दिल्ली में किसानों के समर्थन में पलिया शहर में जुलूस निकाला। दुधवा तिराहे से केन सोसाइटी तक मार्च निकाला गया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार के कृषि विरोधी कानूनों की निंदा कर किसानों पर आंसू गैस की भी भर्त्सना की।
पुलिस और सपा नेताओं की हुई नोकझोंक
गोला गोकर्णनाथ। सपा के पूर्व विधायक विनय तिवारी के नेतृत्व में दर्जनों ट्रैक्टरों की रैली निकाली गई, जिनके ऊपर राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहा था। वहीं सपाई कृषि कानून के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। सदर चौराहा, विकास चौराहा, शिवम चौराहा सहित विभिन्न स्थानों पर सीओ आरके वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सपाइयों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने।
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