खाद्य वस्तुओं के नमूने फेल होने के बाद एडीएम कोर्ट में दायर मुकदमों की सुनवाई पूरी करने के बाद एडीएम उमेश नारायन पांडेय ने 10 व्यापारियों पर 56 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। साथ ही एक सप्ताह में जुर्माने की राशि जमा कराने के भी आदेश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीमों ने पिछले वर्ष अभियान चलाकर इन व्यापारियों की दुकानों से विभिन्न खाद्य वस्तुओं के नमूने भरे थे, जिनके लैब जांच में फेल होने पर एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किए थे।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल सिंह ने 14 जून 2016 को फरधान थाना के गांव मउदाउदपुर निवासी देशराज के पास संग्रहित मिश्रित दूध का नमूना लिया था, जिसकी जांच कर मेरठ की लैब ने 27 जून 2016 को भेजी रिपोर्ट में कम फैट पाए जाने की पुष्टि करते हुए दूध को अधोमानक करार दिया था। एडीएम ने देशराज पर पांच हजार रुपये जुर्माना बोलते हुए सात दिन में धनराशि जमा करने के आदेश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनूप सिंह ने आठ अक्तूबर 2016 को मोहम्मदी के बगवाही स्थित गिरिराज डेयरी आइसक्रीम फैक्ट्री से मिश्रित दूध का नमूना लिया था, जिसकी जांच रिपोर्ट में दूध अधोमानक मिला था, इसलिए डेयरी मालिक रामविलास निवासी मोहम्मदी पर पांच हजार रुपये जुर्माना वहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने 29 दिसंबर 2016 को मैलानी निवासी जावेद खां उर्फ राजू की दुकान से पैक्ड पपड़ी का नमूना लिया था, जिसकी लैब जांच में सिंथेटिक फूड कलर की मात्रा मानक 100 पीपीएम से अधिक पाई गई। लिहाजा इसे अधोमानक करार दिए जाने पर वाद दायर किया गया था, जिसमें एडीएम ने जावेद पर सात हजार का जुर्माना ठोका है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक वर्मा ने आठ अक्तूबर 2016 को गिरिराज डेयरी से दूध का नमूना लिया था, जो लैब जांच में अधोमानक निकला था। इस पर एडीएम ने डेयरी मालिक रामविलास पर पांच हजार का जुर्माना बोला है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रीती वर्मा ने 16 अगस्त 2016 को जंगबहादुरगंज में ब्रिजेश चंद्र की मिठाई की दुकान से बर्फी का नमूना लिया था, जिसमें स्टार्च की मात्रा पाए जाने पर मुकदमा दायर किया गया था। इसमें एडीएम ने दुकान मालिक ब्रिजेश चंद्र पर सात हजार रुपये जुर्माना वहीं, आदित्य वर्मा ने 17 मई 2016 को बेहजम रोड स्थित सुदामा स्वीट्स से दही का नमूना लिया था, जो लैब जांच में अधोमानक निकला। इसमें एडीएम ने विक्रेता अंजनी कुमार गुप्ता पर पांच हजार का जुर्माना तो एके पाठक ने सात नवंबर 2015 को गोला स्थित दयाल मिल्क प्रोडक्ट से दूध का नमूना लिया था, जिसमें फैट की मात्रा मानक के अनुसार नहीं निकली थी। लिहाजा डेयरी मालिक रामदयाल निवासी उदयपुर पर पांच हजार रुपये जुर्माना बोला गया। इन्हीं रामदयाल के यहां से लिया गया दूध का दूसरा नमूना अधोमानक निकलने पर पांच हजार रुपये जुर्माना वहीं, एके पाठक ने छह नवंबर 2015 को जेबीगंज स्थित सुरेश चंद्र की दुकान से रथ ब्रांड वनस्पति घी का नमूना लिया था, जो मिसब्रांड पाया गया है। इसके लिए विक्रेता सुरेश चंद्र पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है। एके पाठक ने ही नौ फरवरी 2015 को खीरी टाउन स्थित सुनील कुमार की समोसे की दुकान से चटनी का नमूना लिया था, जिसके अधोमानक पाए जाने के चलते विक्रेता सुनील कुमार पर दो हजार रुपये जुर्माना डाला गया है।
सभी व्यापारियों को जुर्माने की रकम एक सप्ताह में जमा करना अनिवार्य है। कुछ व्यापारियों ने जुर्माने की रकम जमा कर दी है। जो व्यापारी निश्चित अवधि में धनराशि जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ आरसी जारी कराई जाएगी।
डॉ अमर सिंह वर्मा, अभिहित अधिकारी