लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर व स्टाफ से मारपीट व तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने गिरफ्तार एक ही परिवार के चार आरोपियों को जेल भेजा है। उधर, दूसरे पक्ष का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर पुलिस को तहरीर दी, लेकिन तहरीर लेने से इनकार कर दिया।
जिला अस्पताल में शनिवार को इमरजेंसी में आई थाना फरधान क्षेत्र के गांव कैमाखुर्द निवासी छात्रा 14 वर्षीय राधा की इंजेक्शन लगने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। इसको लेकर इमरजेंसी में परिवार वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान छात्रा के परिवार वालों और अस्पताल स्टाफ के बीच जमकर मारपीट हुई थी। मारपीट में डॉ. डीके यादव, चीफ फॉर्मासिस्ट अनिल कुमार वर्मा, फॉर्मासिस्ट सहदेव सचान घायल हो गए थे। छात्रा के पिता अंबरीश वर्मा, चाचा कृष्ण कुमार, संदीप और भाई शिवम वर्मा निवासी कैमाखुर्द थाना फरधान भी घायल हुए थे। सभी को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया था। सदर कोतवाली पुलिस ने डॉ. डीके यादव की तहरीर पर चारों को नामजद कर दो अन्य अज्ञात के खिलाफ उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिचर्या सेवाकर्मी और चिकित्सा परिचर्या सेवा संस्था अधिनियम की धारा तीन ए और चार के तहत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। उधर, दूसरे दिन परिवार वालों के साथ सदर कोतवाली पहुंची छात्रा राधा ने पुलिस को तहरीर देकर डॉक्टर और अस्पताल कर्मचारियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया, लेकिन परिवार वालों का कहना है कि पुलिस ने उनकी तहरीर लेने से इकार कर दिया। एसएसआई शिव प्रकाश पांडेय ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
दूसरे पक्ष ने अभी तक कोई पुलिस को तहरीर नहीं दी है। यदि तहरीर आती है, तो उसकी जांच की जाएगी। यदि आरोप सही मिलते हैं तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई होगी।
- सुनील कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर