इज्जतनगर-गोंडा पैसेंजर ट्रेन के डिरेल होने के मामले में दुर्घटनास्थल पर ट्रेन की स्पीड काशन के मुताबिक सही निकली है। उधर डिरेल हुई बोगी की मेजरमेंट भी कराई जा चुकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
28 नवंबर को 52256 इज्जतनगर-गोंडा पैसेंजर ट्रेन, भीरा से चलने के बाद दिन में पौने 11 बजे मैलानी-गोंडा रेलखंड के भीरा एवं पलिया स्टेशनों के बीच पुल नंबर 98 को पार करते ही किमी नंबर 247/4 के आगे दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इंजन के ठीक पीछे लगी बोगी एसएलआर संख्या 8820 वाई की अगली ट्रॉली के चार पहिये पटरी से उतर गए थे। दुर्घटना के बाद भी ट्रेन करीब दो सौ मीटर दूर तक चली गई।
जिससे ट्रैक के दो सौ से अधिक सीएसटी-9 स्लीपर भी टूट गए थे। एडीआरएम लखनऊ एसके सप्रा ने भी मंडलीय अफसरों के साथ उसी रात मौके का मुआयना किया था और मौके पर ही लोको पायलट बीबी शुक्ला तथा सहायक लोको पायलट शाहिद अली से घटना की बाबत जानकारी की थी। घटनास्थल पर ट्रैक पर पहले से ही काम चल रहा था और वहां 20 किमी प्रति घंटा सीमित गति का सतर्कता आदेश काशन था। लिहाजा इंजन का स्पीडोमीटर ग्राफ भी निकलवाकर डीजल शेड इज्जतनगर भेजा गया था। स्पीडोमीटर ग्राफ में मौके पर ट्रेन की गति 16 किमी प्रति घंटा निकली है, जोकि काशन के मुताबिक सही है। जनसंपर्क अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की बाबत लोको पायलट तथा सहायक लोको पायलट से मंडल मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना का कारण पता चल सकेगा।