बुधवार की देररात आई तेज आंधी में गौरीफंटा मार्ग किनारे लगे करीब दर्जन भर पेड़ अलग-अलग स्थानों पर गिर गए। इससे मार्ग पर वाहनों का संचालन ठप हो गया। बसों का आवागमन बंद होने से नेपाली नागरिकों को 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। चंदनचौकी मार्ग पर भी एक पेड़ गिरने से आवागमन घंटों ठप रहा। बिजली लाइन भी टूट गई और आपूर्ति ठप हो गई।
बुधवार की देररात बारिश से पूर्व तेज आंधी आई जिससे गौरीफंटा मार्ग पर दर्जन भर पेड़ अलग-अलग स्थानों पर गिर पड़े। इससे रात से ही इस मार्ग पर नेपाल बार्डर को आवागमन बंद हो गया। भारत के मुंबई, दिल्ली, गुजरात शहरों से यहां आने वाले नेपाली नागरिकों को 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ा। बृहस्पतिवार को भी आवागमन ठप रहा और लोग पेड़ों को काट कर आवागमन सुचारु करने के प्रयास में लगे रहे। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लगी रहीं। पेड़ बिजली लाइन पर भी गिरे से वह टूट गई और बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। बनगवां मंडी में आंधी से तमाम दुकानों के टिनशेड उड़ गए।
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कोतवाली की बाउंड्रीवाल गिरी
आंधी और बारिश से कोतवाली की बाउंड्रीवाल भी गिर गई। हालांकि इससे कोई खास नुकसान नहीं हुआ है।