बिजुआ। भीरा थाना क्षेत्र के गांव नौसरजोगी में शुक्रवार की दोपहर दो युवकों के बीच हो रहे विवाद और मारपीट में बीचबचाव करने गए रामसेवक (45) लाठी लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने फिलहाल पांच लोगों के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना में आगे धाराएं तरमीम की जाएंगी। पुलिस के मुताबिक, गांव नौसरजोगी में झगड़ा अरविंद और विपिन के बीच हो रहा था। रामसेवक ने अपने घर के सामने हो रही मारपीट और गाली-गलौज का जब विरोध किया और बीच-बचाव की कोशिश की तो विपक्षियों ने रामसेवक पर भी हमला कर दिया। इस बीच अरविंद पर हमला करने के चक्कर में किसी की लाठी रामसेवक के सिर पर जा लगी। इससे उनके सिर से रक्तस्राव होने लगा। घटना के बाद पुलिस ने मौका मुआयना किया। साथ ही रामसेवक व अन्य घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ में भेजा। जहां से मेडिकल परीक्षण व इलाज के लिए सभी को जिला अस्पताल भेजा गया।
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान रामसेवक की मौत हो गई। एसओ भीरा रोहित दुबे ने बताया कि घटना में मारपीट की प्राथमिकी दर्जकर रामसेवक को बिजुआ सीएचसी से जिला अस्पताल भेज दिया। कुछ देर उपचार चलने के बाद रामसेवक की मृत्यु हो गई। एसओ ने बताया कि दर्ज की गई प्राथमिकी में नीरज, अवतेश, अरविंद, विपिन के अलावा एक अन्य को आरोपी बनाया गया है।