पर्चा काउंटर पर मरीजों से पूछताछ करते सीडीओ अभिषेक कुमार। संवाद
लखीमपुर/ओयल। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं दूर नहीं हो रही हैं। हाल ही में पिता की गोद में बेटे के शव का फोटो वायरल होने के बाद सोमवार को सीडीओ के निरीक्षण में तमाम कमियां मिलीं। एक संदिग्ध युवक डॉक्टर के कमरे में बैठकर मरीजों को दवाएं लिख रहा था। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सीडीओ अभिषेक कुमार मोतीपुर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। सीडीओ सबसे पहले इमरजेंसी पहुंचे। यहां स्ट्रेचर की व्यवस्था जानी। इसके बाद वह चिल्ड्रेन वार्ड पहुंचे और वार्ड के बाहर खड़े एक व्यक्ति से आने का कारण जाना, तो उसने बताया कि उसके बच्चे की तबीयत खराब है। आधे दिन की ओपीडी की उसे जानकारी नहीं थी। यहां पहुंचा तो डॉक्टर ने देखने से इन्कार कर दिया।
इस पर सीडीओ वार्ड पहुंचे और वहां पर मौजूद ट्रेनी डॉक्टर और स्टाफ नर्स से बच्चे को न देखने की जानकारी ली। कोई जवाब न मिलने पर सीडीओ व मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने ट्रेनी डॉक्टर को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद सीडीओ व प्राचार्य दवा काउंटर पहुंचे और वहां मौजूद मरीज के पर्चे चेक कर जानकारी ली।
इस पर धौरहरा निवासी मरीज कृष्णकांत ने बताया कि वह अपने पिता की दवा लेने आया है। पर्चे की दवा उसने ले ली है, लेकिन अलग से लिखी पर्ची की दवा बाकी है। तीमारदार ने बताया कि कमरा नंबर छह से दवा लिखी गई है। सीडीओ कमरा नंबर छह में पहुंचे तो तीमारदार ने एक युवक की तरफ इशारा किया।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वह पहले जिला अस्पताल में बी फार्मा की इंटर्नशिप करता था। सीडीओ व प्राचार्य के पूछने पर ओपीडी कक्ष में मौजूद शल्य चिकित्सक शिवनाथ मौर्या ने उक्त युवक को पहचानने से इन्कार कर दिया। इस पर सीडीओ ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया।
इस बारे में मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि एक युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है।