ट्यूब पर बैठकर नहाना पड़ा भारी
बताया गया कि रात करीब दो बजे विशाल अपने दोस्तों के साथ घाट किनारे पड़ी ट्यूब लेकर पानी में उतरा था। चारों एक ही ट्यूब पर बैठे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से विशाल गहरे पानी में गिर गया। शोर सुनकर घाट पर तैनात सिपाही सतपाल सिंह और दो-तीन स्थानीय तैराक पानी में कूदे। काफी मशक्कत के बाद विशाल को बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
तीर्थ में जलस्तर अधिक होने के कारण मंदिर कमेटी और पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। रस्सी बांधकर ट्यूब भी डाले गए थे। पुलिसकर्मियों के हटने के बाद चारों पानी में उतरे थे। विशाल मजदूर राजकुमार का बड़ा बेटा था। वह पढ़ाई के साथ पिता के काम में हाथ बंटाता था। छोटे भाई विवेक को पढ़ाकर अफसर बनाने का उसका सपना था। विवेक ने बताया, भैया कहते थे, मैं नहीं पढ़ पाया तो क्या, तुझे पढ़ाकर बड़ा अफसर बनाऊंगा।