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लखीमपुर खीरी में बाढ़: शारदा-मोहाना नदी का रौद्र रूप, कई गांवों में पहुंचा पानी, कटान से ग्रामीणों में दहशत

Mon, 24 Aug 2026 02:39 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी जिले में शारदा और मोहाना नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईसानगर क्षेत्र में फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई इलाकों में कटान भी हो रहा है। 
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बाढ़ के बीच ट्यूब पर बैठी महिला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लखीमपुर जिले में शारदा और मोहाना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से निघासन क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहरा गया है। करीब एक दर्जन गांवों में पानी पहुंचने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। नया पुरैना और पुराना पुरैना पूरी तरह पानी से घिर गए हैं। पुरैना निवासी रामा देवी ने बताया कि हर साल बाढ़ में उनके घर में तीन से चार फुट पानी भर जाता है। वह ट्यूब में हवा भरकर मंझी तैयार करती हैं और उसी के सहारे खाना बनाने, शौच जाने और मवेशियों के लिए चारा जुटाने जैसे काम करती हैं।

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फूला देवी और क्रांति देवी ने बताया कि आपात स्थिति में गांव से निकलने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। रामाधीन ने बताया कि उन्हें आज तक आवास योजना का लाभ नहीं मिला। बालकराम के मुताबिक चारे के लिए चार-पांच किलोमीटर दूर लुधौरी जाना पड़ रहा है। चारा पैदल या नाव से गांव लाना पड़ता है।

बाढ़ से फसलें तबाह 
धौरहरा तहसील के ईसानगर क्षेत्र के करीब 27 गांवों में बाढ़ से फसलें तबाह हो गई हैं। 11 गांवों में कटान से फसलों के साथ जमीन भी नदी में समा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें अब तक सरकारी सहायता नहीं मिली है।
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घाघरा नदी ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, दुर्गापुर, पड़ी, चपकहा, चंदौली, मिलिक, डुड़की, रामलोक जंगल, सुजानपुर और गुलरिया तालुके अमेठी आदि गांवों में फसलों और भूमि का कटान कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील प्रशासन ने लंच पैकेट बांटकर जिम्मेदारी पूरी कर ली।

नाव से चारा लेकर जाते ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ओझापुरवा निवासी रोहित कुमार सूरज और रामगोपाल ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद कटान बढ़ गया है। कई किसानों की फसलें नष्ट हो गई और खेतों का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है। बाढ़-कटान पीड़ितों के मुताबिक नुकसान का सर्वे हो रहा है, लेकिन मुआवजा या अन्य सहायता नहीं मिली है। 

धौरहरा के तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि भू-कटान और फसलों के नुकसान का सर्वे राजस्व टीम कर रही है। सभी कटान पीड़ितों को सरकारी सहायता दी जाएगी। अभी फौरी तौर पर लंच पैकेट ही उपलब्ध कराए गए हैं।

स्कूल की टोंटियां तक डूबीं, दूषित पानी पीने की मजबूरी
निघासन क्षेत्र के पुरैना के प्राथमिक विद्यालय में पानी भर गया है। सरकारी और घरेलू नल व पानी की सप्लाई वाली टॉटियां डूब गई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, मजबूरी में दूषित पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण और वायरल बीमारियों की आशंका है।

शारदा-मोहाना के बढ़ते जलस्तर से लुधौरी आंशिक के नया पुरैना, पुराना पुरैना, गोविंदपुर, रानीगंज, सेमरापुरवा, शिवलालपुरवा, बिहारीपुरवा, अंबरपुरवा, दौलतापुर के हुलासीपुरवा व सुरजीपुरवा, बैलहा के चंदनपुरवा, जीतपुरवा, झौव्वापुरवा, ठाकुरपुरवा, झौव्वापुरवा, खमरिया, मंडप फार्म और तमोलिनपुरवा समेत करीब दो दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। नया पुरैना निवासी शांति पत्नी बनवारी और माया देवी पत्नी संतराम ने राहत सामग्री वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया है।

उनका कहना है कि कुछ लोगों को मुंह देखकर राहत किट और लंच पैकेट दिए गए, जबकि जरूरतमंद परिवारों को लाभ नहीं मिला। एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि मोहाना ने जसनगर और केवटली में कटान तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेट बांटे जा रहे हैं। करीब एक दर्जन गांवों में रात में पानी तेजी से बढ़ा है। वह राजस्व टीम के साथ गांवों में स्थिति देख रहे हैं। 
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जसनगर में कटान रोकने का काम शुरू 
तिकुनिया इलाके में भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी ने जसनगर के पास फिर कटान शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग प्लास्टिक की बोरियों में ईंट और बालू भरकर कटान स्थल पर डाल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह बंदोबस्त पर्याप्त नहीं है।

अधिशासी अभियंता कनकपाल गंगवार और एसडीओ ज्योति नायक ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन कैमरे से कटान स्थल का सर्वे कराया था। जसनगर निवासी नाथूराम, सियाराम, शिव भगवान, राजकुमार कश्यप, गोवर्धन दिनेश और संतोष बिरिखा ने बताया कि उनके घर नदी किनारे कटान वाले स्थान पर हैं। पिछले साल 1600 मीटर में लगाए गए जिओ-ट्यूब बीच से फट रहे हैं। इससे दहशत बनी हुई है। 

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कनकपाल गंगवार ने बताया कि करीब 400 मीटर में जहां-जहां कटान हो रहा है, वहां काम कराया जा रहा है। इससे कटान की गति कम होगी और कटान बंद हो जाएगा। गांव को कोई खतरा नहीं है।
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