नाव से चारा लेकर जाते ग्रामीण
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ओझापुरवा निवासी रोहित कुमार सूरज और रामगोपाल ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद कटान बढ़ गया है। कई किसानों की फसलें नष्ट हो गई और खेतों का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है। बाढ़-कटान पीड़ितों के मुताबिक नुकसान का सर्वे हो रहा है, लेकिन मुआवजा या अन्य सहायता नहीं मिली है।
धौरहरा के तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि भू-कटान और फसलों के नुकसान का सर्वे राजस्व टीम कर रही है। सभी कटान पीड़ितों को सरकारी सहायता दी जाएगी। अभी फौरी तौर पर लंच पैकेट ही उपलब्ध कराए गए हैं।
स्कूल की टोंटियां तक डूबीं, दूषित पानी पीने की मजबूरी
निघासन क्षेत्र के पुरैना के प्राथमिक विद्यालय में पानी भर गया है। सरकारी और घरेलू नल व पानी की सप्लाई वाली टॉटियां डूब गई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, मजबूरी में दूषित पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण और वायरल बीमारियों की आशंका है।
शारदा-मोहाना के बढ़ते जलस्तर से लुधौरी आंशिक के नया पुरैना, पुराना पुरैना, गोविंदपुर, रानीगंज, सेमरापुरवा, शिवलालपुरवा, बिहारीपुरवा, अंबरपुरवा, दौलतापुर के हुलासीपुरवा व सुरजीपुरवा, बैलहा के चंदनपुरवा, जीतपुरवा, झौव्वापुरवा, ठाकुरपुरवा, झौव्वापुरवा, खमरिया, मंडप फार्म और तमोलिनपुरवा समेत करीब दो दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। नया पुरैना निवासी शांति पत्नी बनवारी और माया देवी पत्नी संतराम ने राहत सामग्री वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि कुछ लोगों को मुंह देखकर राहत किट और लंच पैकेट दिए गए, जबकि जरूरतमंद परिवारों को लाभ नहीं मिला। एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि मोहाना ने जसनगर और केवटली में कटान तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेट बांटे जा रहे हैं। करीब एक दर्जन गांवों में रात में पानी तेजी से बढ़ा है। वह राजस्व टीम के साथ गांवों में स्थिति देख रहे हैं।
जसनगर में कटान रोकने का काम शुरू
तिकुनिया इलाके में भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी ने जसनगर के पास फिर कटान शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग प्लास्टिक की बोरियों में ईंट और बालू भरकर कटान स्थल पर डाल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह बंदोबस्त पर्याप्त नहीं है।
अधिशासी अभियंता कनकपाल गंगवार और एसडीओ ज्योति नायक ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन कैमरे से कटान स्थल का सर्वे कराया था। जसनगर निवासी नाथूराम, सियाराम, शिव भगवान, राजकुमार कश्यप, गोवर्धन दिनेश और संतोष बिरिखा ने बताया कि उनके घर नदी किनारे कटान वाले स्थान पर हैं। पिछले साल 1600 मीटर में लगाए गए जिओ-ट्यूब बीच से फट रहे हैं। इससे दहशत बनी हुई है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कनकपाल गंगवार ने बताया कि करीब 400 मीटर में जहां-जहां कटान हो रहा है, वहां काम कराया जा रहा है। इससे कटान की गति कम होगी और कटान बंद हो जाएगा। गांव को कोई खतरा नहीं है।