पलियाकलां। मकनपुर गांव में बीती रात जंगल से निकले हिंसक वन्यजीव ने एक फार्म पर घारी में बंधे मवेशी पर हमला कर उसे घायल कर दिया। मवेशी की आवाज सुनकर जब तक लोग पहुंचे तब तक हिंसक वन्यजीव गन्ने के खेत में होकर गायब हो गया। ग्रामीणों के बताया कि हमला करने वाला तेंदुआ था, लेकिन वन विभाग ने मौका मुआयना करने के बाद तेंदुए के पदचिह्न न मिलने की बात कही है।
मकनपुर गांव में सुरेंद्र सिंह के फार्म पर एक बछिया घारी में बंधी थी। बताया जाता है कि बीती रात हिंसक वन्यजीव ने बछिया पर हमला कर दिया। बछिया की आवाज सुनकर परिजनों समेत आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक हमला करने वाला वन्यजीव पास ही स्थित गन्ने के खेत में घुसकर गायब हो गया।
लोगों ने बताया कि वह तेंदुआ है। सूचना पर वन विभाग के रेंजर विनय कुमार सिंह व डिप्टी रेंजर शिवबाबू सरोज दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बछिया के शरीर पर किसी जंगली जानवर के निशान हैं। अगर तेंदुए ने हमला किया होता तो वह बछिया को अपने साथ उठा ले जाता। आसपास निगरानी के बाद भी तेंदुए के पगचिह्न मौके पर नहीं मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है।
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बाघ की खाेज में लगी मैलानी रेंज की भी टीम, थर्मल ड्रोन उड़ाया
- डीएफओ बोले- बरौंछा नाला क्षेत्र में विचरण कर रहा बाघ नहीं, बाघिन है
संवाद न्यूज एजेंसी
बांकेगंज। बरौंछा के बाघ की खोज के लिए वन विभाग ने अभियान और तेज कर दिया है। अब इस काम में दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला रेंज के साथ-साथ बफरजोन मैलानी रेंज के वन कर्मियों की टीम भी लगाई गई है। वहीं डीएफओ ने बताया कि बरौंछा नाला क्षेत्र में विचरण कर रहा बाघ नहीं, बाघिन है
गोला और मैलानी रेंज की सीमा पर स्थित बरौंछा नाला क्षेत्र में पिछले चार माह से सक्रिय बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग लगातार अभियान चला रहा है। 15 दिन बीतने के बाद भी वह अचेत नहीं किया जा सका है।
सोमवार को डीएफओ साउथ खीरी संजय विस्वाल के नेतृत्व में गोला और मैलानी रेंज के वन कर्मियों के अलावा रेस्क्यू टीमों ने अभियान चलाकर उसकी खोज तेज की गई। थर्मल ड्रोन कैमरा भी उड़ाया गया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। विभाग की टीमें लगातार निगरानी में जुटी हैं। बावजूद इसके वन विभाग के हाथ खाली है।
रविवार की रात बाघ न आबादी क्षेत्र में पहुंचा, न ही किसी पालतू पशु का ही शिकार किया। वन विभाग की ओर से बांधे गए पड्डे के शिकार के लिए वह पिंजरे के पास तक नहीं फटका।
उधर, डीएफओ संजय विस्वाल ने बताया कि गतिविधियों, पगचिह्नों और कैमरे में कैद हुई तस्वीरों से इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है बरौंछा नाला क्षेत्र में विचरण कर रहा बाघ नहीं, बाघिन है। उसे जल्द ही पकड़ा जाएगा।
बरौंछा नाला क्षेत्र में बाघ की खोज में जुटी वन कर्मियों की टीम। संवाद।